
लल्लनई दिल्ली। मणिपुर से आए दो महिलाओं के साथ यौन हिंसा के वीडियो के बाद पूरे देश गुस्सा है । मणिपुर में भड़की हिंसा के बीच आए इस वीडयों ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त लहेजे में कहा है के “कार्रवाई नहीं होती है, तो हम कार्रवाई करेंगे"।
सुप्रीम कोर्ट ने सख्त लहजे में कहा कि हम सरकार को कार्रवाई के लिए थोड़ा समय देंगे और अगर कोई जमीनी कार्रवाई नहीं होती है, तो हम कार्रवाई करेंगे। चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़, जस्टिस पी एस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने इसे ‘‘पूरी तरह अस्वीकार्य’’ बताया। पीठ ने केंद्र और राज्य सरकार से फौरन कदम उठाने और उसे यह बताने का निर्देश दिया कि क्या कार्रवाई की गयी है। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ ने कहा, एक लोकतांत्रिक देश में इस तरह की घटना बर्दाश्त नहीं की जा सकती है। महिलाओं के अधिकारों को लेकर इस प्रकार की घटना आत्मा को हिला देने वाली है। ये संविधान के अधिकारों का हनन है। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि वो बहुत ही डिस्टर्ब हैं। मणिपुर का वीडियो आत्मा को झकझोर देने वाला है।
चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ ने कहा, हम इस वीडियो पर अपनी गहरी चिंता व्यक्त कर रहे हैं। अब समय आ गया है कि सरकार कदम उठाए और कार्रवाई करे। यह बिल्कुल अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि लैंगिक हिंसा को कायम रखने के लिए सांप्रदायिक संघर्ष के क्षेत्र में महिलाओं को एक उपकरण के रूप में उपयोग करना अस्वीकार्य है। महिलाओं को लगातार हिंसा के साधन के रूप में उपयोग करके मानव जीवन का उल्लंघन करना संवैधानिक लोकतंत्र के खिलाफ है।
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