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लाल किले के पास हुए धमाके का राज खुला! आतंकी उमर की हुई पहचान, DNA रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

13 नव, 20250 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
लाल किले के पास हुए धमाके का राज खुला! आतंकी उमर की हुई पहचान, DNA रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

लाल किले के पास हुए धमाके का राज खुला! आतंकी उमर की हुई पहचान, DNA रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली को दहला देने वाले लाल किला ब्लास्ट मामले में एनआईए और दिल्ली पुलिस की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। फॉरेंसिक जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि धमाके के वक्त कार में आतंकी उमर मोहम्मद नबी मौजूद था। डीएनए टेस्ट रिपोर्ट बुधवार देर रात आई, जिसमें कार के मलबे से मिले जले हुए शव के सैंपल का मिलान उमर की मां से किया गया — और रिपोर्ट 100% मैच कर गई। इससे साफ हो गया है कि i-20 कार चलाने वाला व्यक्ति खुद आतंकी उमर ही था, जिसकी मौत विस्फोट के दौरान हो गई।


DNA टेस्ट ने किया पुख्ता सबूत पेश

फॉरेंसिक टीम की रिपोर्ट के अनुसार धमाका करने वाला पुलवामा के संबूरा निवासी डॉ. उमर मोहम्मद नबी ही था। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने बताया कि “मलबे से मिले अवशेषों का DNA उसकी मां से मैच कर गया है, जिससे उसकी पहचान की पुष्टि हो चुकी है।” सूत्रों के मुताबिक उमर ने बम बनाने की जानकारी इंटरनेट से जुटाई थी। हाल ही में उसके कुछ साथियों की गिरफ्तारी के बाद वह तनाव और डर में था। 10 नवंबर की शाम वह बौखलाहट में खुद कार समेत विस्फोट कर बैठा, जिसमें उमर सहित 12 लोगों की मौत हो गई थी।


धमाके से पहले मस्जिद गया था आतंकी उमर

नई जांच में सामने आया है कि धमाके से पहले उमर करीब 6:25 बजे मस्जिद गया था। सीसीटीवी फुटेज में वह नमाज अदा करने के बाद कार से निकलते हुए दिख रहा है।

 कुछ ही मिनट बाद, शाम 6:52 बजे, लाल किले के पास सुभाष मार्ग की ट्रैफिक सिग्नल पर कार में जोरदार विस्फोट हुआ। इस धमाके में 12 लोगों की मौत हुई, जबकि 20 लोग घायल हैं, जिनका विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है।


तुर्की कनेक्शन की जांच में जुटी एजेंसियां

जांच एजेंसियों ने खुलासा किया है कि आतंकी उमर का तुर्की के अंकारा में बैठे हैंडलर से सेशन एप के जरिए लगातार संपर्क था। फिलहाल, एनआईए और दिल्ली पुलिस ने इस नेटवर्क की अंतरराष्ट्रीय कड़ी सुलझाने के लिए दिल्ली स्थित तुर्की दूतावास से संपर्क साधा है।


परिवार को थी उमर के कट्टरपंथी बनने की जानकारी

खुफिया सूत्रों के मुताबिक उमर के परिवार को पहले से पता था कि वह कट्टरपंथ की ओर झुक गया है, लेकिन उन्होंने यह जानकारी कभी जांच एजेंसियों को नहीं दी। जांचकर्ता मान रहे हैं कि यदि परिवार ने समय रहते सूचना दी होती, तो शायद इस दिल दहला देने वाले धमाके को टाला जा सकता था।


FSL और एनआईए जुटा रही सबूत

फिलहाल, एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) की टीम कार के मलबे, विस्फोटक के नमूनों और डिजिटल डेटा की गहन जांच कर रही है। एनआईए ने बताया है कि धमाके में उपयोग किए गए रसायनों और सर्किटरी का विश्लेषण जारी है।

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