नई दिल्ली, न्यूज़ वर्ल्ड डेस्क। एसबीआई रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक राज्यों के पास अभी भी रेवेन्यू में कमी किए बगैर वैट में कटौती का स्पेस बचा हुआ है। आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल 2 से 3 रुपए तक सस्ते हो सकते हैं। कुछ राज्यों में ये 5 रुपए तक घट सकता है। केंद्र सरकार ने हाल ही में पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती की थी। पेट्रोल पर प्रति लीटर 8 रुपए और डीजल पर प्रति लीटर 6 रुपए की कटौती की गई थी। इसके बाद कीमत में भारी कमी आई।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक राज्यों के पास वैट में कटौती का अभी भी स्पेस बचा हुआ है। केंद्र के फैसले के बाद महाराष्ट्र, राजस्थान, केरल, तमिलनाडु, मध्यप्रदेश, कर्नाटक, गोवा और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में वैट में कटौती की है। रिपोर्ट के मुताबिक तेल की बढ़ती कीमतों के बीच राज्य ने वित्त वर्ष 2021-22 में वैट के रूप में 49229 करोड़ रुपए वसूले। एक्साइज ड्यूटी में कटौती के कारण वैट में 15021 करोड़ रुपए की कमी आई है। इस कमी के बावजूद राज्यों के पास अभी भी 34208 करोड रुपए वेट में कटौती का स्पेस बचा हुआ है।
अब तक एक्साइज ड्यूटी में कितनी कटौती की गई?
नवंबर के बाद एक्साइज ड्यूटी में यह दूसरी कटौती की गई है। दिवाली के मौके पर पेट्रोल पर 5 रुपए और डीजल पर 10 रुपए प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी में कटौती की गई थी। इस बार पेट्रोल पर 8 रुपए और डीजल पर 6 रुपए की कटौती की गई। इस तरह पेट्रोल पर कुल कटौती 13 रुपए और डीजल पर 16 रुपए की हुई है।
पेट्रोल और डीजल की कमी में पांच प्रमुख कंपोनेंट
बेस प्राइस
किराया
एक्साइज ड्यूटी
डीलर कमीशन
वैल्यू ऐडेड टैक्स यानि बेस का कैलकुलेशन बेस्ट प्राइस, किराया, एक्साइज ड्यूटी और डीलर कमीशन के आधार पर होता है। इन चारों की वसूली जोड़कर उसका निश्चित फ़ीसदी वेट के रूप में राज्यों की तरफ से वसूला जाता है। ऐसे में जब पेट्रोल और डीजल का रेट इंटरनेशनल मार्केट में बढ़ता है तो, बेस प्राइस बढ़ने के कारण राज्य का वैट कलेक्शन बढ़ जाता है। अगर केंद्र सरकार एक्साइज ड्यूटी में कटौती करती है तो, ओवरऑल वैट वैल्यू घट जाती है। इसके कारण रेट भी डिफ़ॉल्ट रूप से घट जाता है।
पाठकों की राय (0)
इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

