शुक्रवार, 24 अप्रैल 2026
Logo
National

ये हैं वो 7 निर्दलीय उम्मीदवार जो निर्दलीय जीते लोकसभा का चुनाव, एक टेरर फंडिंग मामले में और दूसरा एनएसए के तहत जेल में है बंद

06 जून, 20240 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
ये हैं वो 7 निर्दलीय उम्मीदवार जो निर्दलीय जीते लोकसभा का चुनाव, एक टेरर फंडिंग मामले में और दूसरा एनएसए के तहत जेल में है बंद

ये हैं वो 7 निर्दलीय उम्मीदवार जो निर्दलीय जीते लोकसभा का चुनाव, एक टेरर फंडिंग मामले में और दूसरा एनएसए के तहत जेल में है बंद

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

नई दिल्ली। 18 वें लोकसभा चुनाव में 542 लोकसभा सीटों में से भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन को 293 सीटें मिलीं, वहीं इंडी गठबंधन के खाते में 234 सीटें गईं। बाकी 15 सीटें अन्य दलों व निर्दलीय प्रत्याशियों के हिस्से आई हैं। इसमें 7 निर्दलीय हैं। 


कौन हैं ये सात निर्दलीय?

जो 7 निर्दलीय प्रत्याशी लोकसभा का चुनाव जीते हैं, उनमें- अमृतपाल सिंह, सरबजीत सिंह खालसा, पटेल उमेशभाई बाबूभाई, मोहम्मद हनीफा, राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव, विशाल पाटिल और शेख अब्दुल राशिद उर्फ राशिद इंजीनियर। इनमें से दो अमृतपाल सिंह और राशिद इंजीनियर वर्तमान में जेल में हैं।


कौन कहां से चुनाव लड़ा?

अमृतपाल सिंह पंजाब की खडूर साहिब लोकसभा सीट से चुनाव जीते हैं। उन्होंने कांग्रेस के कुलबीर सिंह जीरा को 1,97,120 वोटों से हराया है।

सरबजीत सिंह खालसा ने पंजाब की फरीदकोट लोकसभा सीट से चुनाव जीता है। उन्होंने आम आदमी पार्टी के करमजीत सिंह अनमोल को 70,053 वोटों से हराया है।

पटेल उमेशभाई बाबूभाई ने दमन और दीव-यूटी से लोकसभा का चुनाव जीता है। उन्होंने भाजपा के लालूभाई बाबूभाई पटेल को 6,225 वोटों से हराया है।

मोहम्मद हनीफा ने लद्दाख से लोकसभा का चुनाव जीता है। उन्होंने कांग्रेस के त्सेरिंग नामग्याल को 27,862 वोटों से हराया है।

राजेश रंजन ने बिहार की पूर्णिया लोकसभा सीट से चुनाव जीता है। उन्होंने जेडीयू के संतोष कुमार को 23,847 वोटों से हराया है।

विशाल पाटिल ने महाराष्ट्र की सांगली लोकसभा सीट से चुनाव जीता है। उन्होंने भाजपा के संजय पाटिल को 1,00,053 वोटों से हराया है।

अब्दुल रशीद शेख बारामूला ने जम्मू और कश्मीर-यूटी से चुनाव जीता है। उन्होंने जेकेएनसी के उमर अब्दुल्ला को 2,04,142 वोटों से हराया है।


अमृतपाल सिंह

खालिस्तान समर्थक संगठन वारिस पंजाब डे का प्रमुख है। 2012 में अपने परिवार के ट्रांसपोर्ट बिजनेस को संभालने वो दुबई चला गया था। जिसके बाद 2022 में वह वापस भारत लौटा था। अमृतपाल वर्तमान में राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद है।


सरबजीत सिंह खालसा

वह बेअंत सिंह के बेटे हैं, जो अक्टूबर 1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या करने वाले दो बॉडीगार्ड में से एक थे। सरबजीत सिंह के दादा, बाबा सुच्चा सिंह भी भठिंडा से सांसद थे।


पटेल उमेशभाई बाबूभाई

बाबूभाई एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं। उनकी जीत महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्होंने मौजूदा भाजपा सांसद लालूभाऊ बाबूभाई पटेल को हराया, जो दमन और दीव सीट से लगातार चौथी बार चुनाव लड़ रहे थे।


मोहम्मद हनीफा

नेशनल कॉन्फ्रेंस के पूर्व जिला अध्यक्ष, हनीफा लद्दाख सीट जीतने वाले चौथे निर्दलीय हैं, जो 1967 में अस्तित्व में आई थी। 1984, 2004 और 2009 के राष्ट्रीय चुनाव में भी यहां निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत हासिल की थी।


राजेश रंजन

पप्पू यादव के नाम से भी जाने जाने वाले रंजन ने मार्च में अपनी जन अधिकार पार्टी (जेएपी) का कांग्रेस में विलय कर दिया। लोकसभा सदस्य के रूप में कई कार्यकाल पूरा कर चुके रंजन ने सीट-बंटवारे समझौते के तहत कांग्रेस द्वारा पूर्णिया को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) को देने के बाद स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ा था।


विशाल पाटिल

कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने पर निर्दलीय लड़े विशाल पाटील ने जीत हासिल की है। महाविकास आघाड़ी में यह सीट उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना को मिली थी। शिवसेना ने चंद्रहार पाटिल को मैदान में उतारा था। तो वहीं बीजेपी ने अपने मौजूदा सांसद संजय काका पाटिल को मैदान बरकरार रहा था। निर्दलीय लड़े विशाल दोनों दिग्गजों को मात देकर इतिहास रच दिया है।


शेख अब्दुल रशीद

इंजीनियर रशीद फिलहाल टेरर फंडिंग मामले में दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं। दो बार के पूर्व विधायक को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 2019 में आतंकी-फंडिंग गतिविधियों के आरोप में गिरफ्तार किया था, जो गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत पकड़े जाने वाले पहले मुख्यधारा के नेता बन गए।

पाठकों की राय (0)

इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

अपनी प्रतिक्रिया दें