रविवार, 26 अप्रैल 2026
Logo
National

यूक्रेन ने लगाई मदद की गुहार, कहा - दुनिया में तनाव भारत ही खत्म कर सकता है, मोदी दुनिया के बहुत मजबूत नेता

अभी-अभी0 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
यूक्रेन ने लगाई मदद की गुहार, कहा - दुनिया में तनाव भारत ही खत्म कर सकता है, मोदी दुनिया के बहुत मजबूत नेता

यूक्रेन ने लगाई मदद की गुहार, कहा - दुनिया में तनाव भारत ही खत्म कर सकता है, मोदी दुनिया के बहुत मजबूत नेता

News World Desk
डेस्क रिपोर्टर
News World Desk

नई दिल्ली, न्यूज़ वर्ल्ड डेस्क। रूस के हमले को लेकर भारत के स्टैंड पर यूक्रेन ने असंतोष जताया है। भारत में यूक्रेन के राजदूत इगोर पोलिखा ने पत्रकारों से कहा कि, रूस की सैन्य कार्रवाई पर भारत के स्टैंड से यूक्रेन बेहद असंतुष्ट है। भारत का अंतरराष्ट्रीय राजनीति में बड़ा कद है। उन्होंने कहा कि इस संकट की स्थिति में यूक्रेन को भारत से काफी ज्यादा मदद की उम्मीद थी। राजदूत ने कहा, हमें उम्मीद थी कि भारत हमारा पक्ष ज्यादा मजबूती के साथ रखेगा, क्योंकि इस संकट की स्थिति में दखल देने को लेकर भारत किसी भी देश की तुलना में ज्यादा बेहतर स्थिति में है। 


मोदी की बात सुन सकते है पुतिन
पोलिखा ने कहा, रूस के साथ भारत की खास और राजनीतिक साझेदारी रही है। पुतिन कितने नेताओं की सुनेंगे ये मुझे नहीं पता, लेकिन भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के कद को देखते हुए ये उम्मीद है कि अगर वो (पीएम मोदी) मजबूती से अपनी बात रखें तो रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से कम से कम एक बार सोचेंगे जरूर, क्योंकि मोदी के पुतिन से अच्छे रिश्ते हैं। उन्होंने कहा दुनिया में तनाव भारत ही खत्म कर सकता है। मोदी दुनिया के बहुत मजबूत नेता है। 

अमेरिका में भारत के रुख पर खड़े हो रहे सवाल
एक तरफ जहां विश्व के सभी देश रूस के यूक्रेन पर हमले की निंदा कर रहें है, वहीं भारत ने अभी तक हमले को लेकर कुछ नहीं कहा है। उधर भारत के इस रुख पर अमेरिकी में भी सवाल खड़े होने लगे है कि भारत किस पाले में है - अमेरिका या रूस। 

देश में भी छिड़ी बहस, रूस का विरोध करे भारत
वहीं देश में भी इस बात को लेकर बहस छिड़ी हुई है कि भारत इस सैन्य कार्रवाई पर अपना रुख स्पष्ट करते हुए रूस के खिलाफ अपना विरोध दर्ज करवाए। लोगों का कहना है यदि चीन भी रूस की तरह भारत पर हमला कर देता है तो भारत दूसरे देशों से किस तरह के पक्ष की उम्मीद करेगा। उधर अमेरिका और पश्चिमी देश भी चाहते हैं कि इस मामले में भारत उनका साथ दे। 

यूक्रेन का भारत विरोधी रोल
बतादें ना तो परमाणु परीक्षण के मुद्दे पर ना ही आतंकवाद के मुद्दे पर यूक्रेन कभी भारत के साथ खड़ा हुआ है। लेकिन आज वही यूक्रेन चाहता है कि भारत इस संघर्ष में उसकी मदद करे। अमेरिका और पश्चिमी देशों ने भारत लिए अभी तक कुछ नहीं किया। चीन ने सोची समझी साजिश के तहत गलवान घाटी में हमला किया, तब भी ये देश भारत की मदद के लिए नहीं आए। तो आज भारत इन देशों का साथ क्यों दे?

यूक्रेन से क्या सीखा जा सकता है?
  1. देश की रक्षा करने की जिम्मेदारी सिर्फ सेना की नहीं होती। 
  2. किसी भी देश के लिए आत्मनिर्भर होना जरूरी है।
  3. जो देश कमजोर होते हैं और दूसरे देशों पर निर्भर होते हैं, उनका हाल यूक्रेन और अफगानिस्तान के जैसा ही होता है। 
  4. यूरोप में ये धारणा बन चुकी थी कि 21वीं सदी, युद्ध की सदी नहीं है। 
  5. देश को अपने फैसले, अपने विवेक से लेने चाहिए।

पाठकों की राय (0)

इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

अपनी प्रतिक्रिया दें