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डेस्क रिपोर्टर
लखनऊ, न्यूज वर्ल्ड डेस्क। मौसम की गर्मी के साथ ही चुनावी गर्मी अब चरम पर है। दो चरणों में 113 विधानसभा सीटों पर चुनाव सम्पन्न हो चुका है। इन दोनों चरणों में 60 फीसदी से ज्यादा वोटिंग हुई। दूसरे चरण में 14 फरवरी को हुए मतदान में लगभग 60 से 62 फीसदी वोट डाले गए। जो पिछले इलेक्शन से लगभग 5 फीसदी कम हैं। पहले चरण में 11 जिलों की 58 सीटों पर वोट डाले गए थे। दूसरे चरण में 9 जिलों की 55 सीटों पर मतदान हुआ। अब तैयारी तीसरे चरण को लेकर है। तीसरे चरण के लिए 20 फरवरी को वोट डाले जाऐंगे।
तीसरा चरण में 16 जिलों की 59 सीटों पर वोटिंग
दूसरे चरण के समाप्त होते ही अब तीसरे चरण की जंग शुरु हो चुकी है। 20 फरवरी को तीसरे चरण के लिए उत्तरप्रदेश के 16 जिलों की 59 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा। तीसरे चरण की चुनौती पिछले 2 चरणों से बड़ी है, इसका कारण है तीसरे चरण में जिले और सीट दोनों ज्यादा हैं।
तीसरे चरण में यूपी के 3 हिस्सों में है अहम जंग
तीसरे चरण में उत्तरप्रदेश के तीन भाग अहम है जहां 20 फरवरी को वोट डाले जाना है। ये अहम हिस्से हैं - अवध,पश्चिमी उत्तरप्रदेश और बुंदलेखंड। तीसरे चरण में पश्चिमी यूपी के पांच जिले, फिरोजाबाद, मैनपुरी, एटा, कासगंज और हाथरस है,जहां 19 विधानसभा सीटें हैं। अवध के कानपुर, कानपुर देहात, औरैया, फर्रुखाबाद, कन्नौज, इटावा 6 जिले हैं जहां 27 विधानसभा की सीटें हैं। वहीं बुंदेलखंड अंचल की बात करें तो यहां झांसी, जालौन, ललितपुर, हमीरपुर और महोबा जिले शामिल हैं जहां 13 विधानसभा सीटें हैं।
हर दल के लिए अहम है तीसरा चरण
59 विधानसभा सीटों वाला तीसरा चरण हर दल के लिए अहम है। बीजेपी इन 59 सीटों पर अपना पिछला प्रदर्शन बरकरार रखना चाहेगी वहीं समाजवादी पार्टी पिछले नतीजों को अपने पक्ष में लाना चाहती है। 2017 विधानसभा चुनाव में बीजेपी गठबंधन ने 59 में से 59 सीटों पर कब्जा जमाया था। सपा के हिस्से में 8 सीटें आई थीं। जबकि कांग्रेस बीएसपी को सिर्फ 1-1 सीट ही मिली थी। इस गणित से देखा जाऐ तो सपा अपने प्रदर्शन को 2017 से पहले हुए चुनाव को दोहराना चाहेगी।
तीसरे चरण के 9 जिले यादवों के गढ वाले
तीसरे चरण में जिन 16 जिलों में मतदान होना है उनमें से 9 जिले यादवों के प्रभाव वाले हैं। इन जिलों में यादवों की आबादी अधिक है। फिरोजाबाद,मैनपुरी,इटावा और एटा जैसे जिले इनमें शामिल हैं। 2017 में 30 यादव बहुत सीटों के बावजूद सपा सिर्फ 6 सीटें जीत पाई थी। सत्ता में रहते हुए सपा का ये सबसे खराब प्रदर्शन था।
बीजेपी परिवारवाद पर साध रही निशाना
सोमवार को पीएम नरेन्द्र मोदी ने परिवारवाद को लेकर सपा को आड़े हाथों लिया। इससे पहले भी पीएम मोदी की जितनी चुनावी सभाऐं हुई उसमें समाजवादी पार्टी पर सीधे परिवारवाद का हमला बोला। ये उसी रणनीति का हिस्सा है जिसमें यादव बहुल्य सीटों को लेकर सपा को कटघरे में ख़ड़ा किया जाऐ।
2017 में बीजेपी हिंदुत्व पर सवार थी इस बार बीजेपी ने रणनीति बदली
2017 विधानसभा को अगर देखें तो भारतीय जनता पार्टी हिंदुत्व के मुद्दे को लेकर मैदान में थी जिसका फायदा उसको भरपूर मिला। इस बार के चुनाव में बीजेपी ने अपना रणनीति बदली है। इस दफा मुसलमान और दंगे जैसे शब्दों की गूंज के बाद सबसे ज्यादा शोर हिजाब पर मच रहा है। इसके अलावा लगातार परिवारवाद को लेकर भी भाजपा मुखरता दिखा रही है।
तीसरे चरण में करहल सबसे हॉट सीट
तीसरे चरण में जिन 59 सीटों में वोट डाले जाना है उसमें करहल विधानसभा सीट सबसे ज्यादा हॉट मानी जा रही है, इसकी वजह है इस सीट पर सपा सुप्रीमों अखिलेश यादव का मुकाबला बीजेपी प्रत्याशी एसपी सिंह बघेल हैं। बघेल केन्द्र में मंत्री है। अखिलेश यादव को जिताने उनके चाचा शिवपाल यादव पुरानी बातें भूलकर उनके प्रचार में जुटें हैं।
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