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मोदी-योगी की जोड़ी ने वो कर दिखाया जो 37 साल में कोई पार्टी नहीं कर पाई

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मोदी-योगी की जोड़ी ने वो कर दिखाया जो 37 साल में कोई पार्टी नहीं कर पाई

मोदी-योगी की जोड़ी ने वो कर दिखाया जो 37 साल में कोई पार्टी नहीं कर पाई

News World Desk
डेस्क रिपोर्टर
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लखनऊ, न्यूज़ वर्ल्ड डेस्क। उत्तर प्रदेश में जनादेश की तस्वीर अब पूरी तरह से साफ दिखाई दे रही है। राज्य में प्रचंड बहुमत के साथ फिर से बीजेपी सत्ता में वापसी कर रहा है। 403 विधानसभा सीटों में से बीजेपी के पाले में 273 सीटें आती हुई नजर आ रही है। वहीं समाजवादी पार्टी को 125 सीटें मिलती नजर आ रही हैं। कांग्रेस और अन्य के खाते में 2-2 सीटें गई है। वहीं बसपा को 1 सीट मिलने की उम्मीद लग रही है। 


37 साल का इतिहास बदला
उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जोड़ी ने कमाल कर दिखाया जो 37 साल के इतिहास में आज तक कोई पार्टी नहीं कर पाई और वो है लगातार दूसरी बार उत्तर प्रदेश में एक ही पार्टी का सरकार बनाना। हालांकि उत्तर प्रदेश में वोटों की गिनती अभी भी लगातार जारी है, लेकिन बीजेपी बहुमत के आंकड़े से बहुत आगे निकल गई है। 

1 लाख 2 हजार वोटों से जीते योगी
बीजेपी को मिल रहे बहुमत को देखते हुए कार्यकर्ताओं में गजब का जोश देखने को मिल रहा है। मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ गोरखपुर शहर सीट पर 1 लाख 2 हजार वोटों के भारी अंतर से जीत गए हैं। योगी ने सपा की सुभवती उपेंद्र दत्त शुक्ला को हराया। आजाद समाज पार्टी के चंद्रशेखर तो मुकाबले में भी नहीं रहे।

पहली बार योगी ने लड़ा विधानसभा का चुनाव
बतादें, सीएम योगी आदित्यनाथ पहली बार विधानसभा चुनाव लड़े है, गौर हो कि योगी आदित्यनाथ गोरखपुर सदर सीट से ही 1998 से 2017 तक सांसद रहे हैं मुख्यमंत्री सबसे पहले 1998 में यहां से बीजेपी कैंडिडेट के तौर पर लोकसभा चुनाव लड़े थे।

बीजेपी के परफॉर्मेंस में आई गिरावट
उत्तर प्रदेश में भले ही बीजेपी ने बहुमत के आंकड़े को पार कर लिया हो लेकिन एक कड़वी हकीकत ये भी है कि राज्य में उसके परफॉर्मेंस में पिछली बार के मुकाबले गिरावट आई है। 2017 में बीजेपी को 312 सीटें मिली थी, वहीं इस बार ये आंकड़ा 273 तक जाता हुआ नजर आ रहा है। राज्य के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी जैसे धुरंधरों की भी हार हुई है। 

देश की सियासत का रुख तय करेगा परिणाम
बतादें, उत्तर प्रदेश विधानसभा के आज आने वाले नतीजे प्रदेश ही नहीं बल्कि देश की भी सियासत का रुख तय करेंगे। इस साल होने वाले राष्ट्रपति चुनाव से लेकर राज्यसभा चुनाव  तक के समीकरण इन नतीजों पर निर्भर करेंगे। वहीं, राष्ट्रीय राजनीति में जगह बनाने में लगे कुछ क्षेत्रीय दलों व दिग्गज चेहरों का भविष्य भी यूपी ही तय करेगा। देश के सबसे अधिक जनसंख्या वाला राज्य यूपी सबसे अधिक सांसद और विधायक चुनता है। राष्ट्रपति चुनाव में सबसे अधिक भागीदारी यूपी की है तो राज्यसभा में भी यूपी की सबसे अधिक सीटे हैं।

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