
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले योगी सरकार महिलाओं के लिए ₹50 हजार तक की आर्थिक सहायता वाली योजना पर विचार कर रही है। प्रस्ताव के मुताबिक चुनाव से पहले ₹20 हजार और भाजपा की सरकार बनने पर ₹10-10 हजार की तीन किस्तें दी जा सकती हैं।
योजना का संभावित लाभ 50 लाख से ज्यादा महिलाओं को मिल सकता है। महिला कल्याण विभाग के जरिए प्रस्ताव तैयार किए जाने की चर्चा है और अगले साल जनवरी-फरवरी में विधानसभा चुनाव होने की संभावना बताई गई है।
महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने पर फोकस
प्रस्तावित योजना का मकसद महिलाओं को आर्थिक मदद के साथ स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ना बताया गया है। सरकार के स्तर पर इस योजना को लेकर मंथन शुरू हो चुका है। संभावित लाभार्थियों में एससी-एसटी परिवारों की महिलाएं, बीपीएल परिवारों की महिलाएं और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाएं प्राथमिकता में रह सकती हैं। ऐसे परिवारों को भी योजना के दायरे में लाने पर विचार है, जिनकी सालाना आय ₹12 लाख तक है।
चुनाव से पहले ₹20 हजार, बाद में तीन किस्तें
योजना के मौजूदा प्रस्ताव के अनुसार महिलाओं को चुनाव से पहले ₹20 हजार की शुरुआती सहायता मिल सकती है। भाजपा की सरकार दोबारा बनने की स्थिति में शेष ₹30 हजार को ₹10-10 हजार की तीन किस्तों में देने का प्रस्ताव बताया गया है। सरकार से जुड़े लोगों का मानना है कि महिलाओं को सीधे आर्थिक सहायता देने वाली ऐसी पहल विधानसभा चुनाव में बड़ा राजनीतिक असर डाल सकती है।
मध्यप्रदेश से बिहार तक महिला योजनाओं का संदर्भ
महिलाओं को सीधे आर्थिक सहायता देने वाली योजनाएं मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और बिहार के विधानसभा चुनावों में लागू की गई थीं। इन राज्यों में भाजपा या एनडीए की जीत के बाद यूपी में भी इसी तरह के मॉडल को लेकर चर्चा तेज हुई है। राजनीतिक विश्लेषक वीरेंद्रनाथ भट्ट का कहना है कि मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और बिहार में महिलाओं को नकद सहायता का चुनावी लाभ मिला। उनके मुताबिक यूपी में भी ऐसी योजना आती है तो इसका फायदा भाजपा को मिल सकता है। उत्तर प्रदेश में करीब 5.67 करोड़ महिला मतदाता हैं, इसलिए महिला वोट बैंक चुनावी रणनीति का बड़ा हिस्सा बन सकता है।
बिहार चुनाव के नतीजों ने बढ़ाई यूपी में चर्चा
बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए ने 202 सीटें जीती थीं। इस प्रदर्शन में महिलाओं के समर्थन को अहम माना गया। चुनाव से पहले महिलाओं के खातों में ₹10-10 हजार की सहायता भेजे जाने को एनडीए के पक्ष में महिला मतदाताओं के झुकाव से जोड़कर देखा गया। इसी मॉडल को यूपी में लागू करने की संभावनाओं पर सरकार, भाजपा संगठन और राजनीतिक विश्लेषकों के बीच चर्चा हो रही है।
बिहार की मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना क्या थी?
बिहार में तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना शुरू की थी। इसका उद्देश्य प्रत्येक परिवार की एक महिला को स्वरोजगार से जोड़ना था। इसके तहत चुनाव से पहले एक महिला को ₹10 हजार की आर्थिक सहायता दी गई। योजना में यह व्यवस्था थी कि महिला द्वारा शुरू किए गए रोजगार का आकलन करने के बाद उसे काम बढ़ाने के लिए अधिकतम ₹2 लाख तक की अतिरिक्त सहायता दी जा सकती है। बिहार में 25 लाख महिलाओं के खातों में ₹10-10 हजार भेजे गए। इस पर करीब ₹500 करोड़ खर्च हुए। चुनाव में एनडीए को 202 सीटें मिलने के बाद राजनीतिक विश्लेषकों ने इस सहायता को उसकी बड़ी जीत के कारणों में शामिल किया।
यूपी में पहले से चल रहा है महिला स्वयं सहायता समूह मॉडल
उत्तर प्रदेश में महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन भी संचालित है। इस व्यवस्था में 10-10 महिलाओं के स्वयं सहायता समूह बनाकर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ा जाता है। सरकार की तरफ से सब्सिडी पर आर्थिक सहायता भी दी जाती है। मौजूदा आंकड़ों के अनुसार 8,99,398 परिवारों की 98,76,389 महिलाएं इन समूहों से जुड़ी हैं।
भाजपा के लिए महिला वोट क्यों अहम?
भाजपा के नेताओं का मानना है कि परिवार की एक महिला तक आर्थिक सहायता पहुंचने से परिवार के कई मतदाताओं के फैसले पर असर पड़ सकता है। इसी सोच के तहत महिला वोटरों को चुनाव से पहले आर्थिक मदद देने की योजना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यूपी में करीब 5 करोड़ 67 लाख महिला मतदाता हैं।
सपा के पीडीए के मुकाबले महिला वोट बैंक पर नजर
भाजपा के भीतर यह भी माना जा रहा है कि महिला मतदाताओं के लिए बड़ी आर्थिक सहायता सपा के पीडीए की राजनीतिक रणनीति का मुकाबला करने में मदद कर सकती है। 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा का पीडीए मुद्दा प्रभावी रहा था। उस चुनाव में भाजपा की सीटें 64 से घटकर 34 रह गई थीं। लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा विधानमंडल दल की बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि अगर उस समय चुनाव होते हैं तो यूपी में भाजपा को 188 सीटें मिलेंगी।
2027 का यूपी चुनाव भाजपा के लिए अहम
हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली और बिहार में भाजपा-एनडीए की जीत के बाद उत्तर प्रदेश का विधानसभा चुनाव पार्टी की रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण हो गया है। बिहार में एनडीए की बड़ी जीत के बाद यूपी में भी महिला मतदाताओं को केंद्र में रखकर योजना तैयार करने पर जोर बढ़ा है। प्रस्तावित योजना को लेकर अभी सरकार के स्तर पर मंथन चल रहा है। इसमें महिलाओं की आर्थिक सहायता, स्वरोजगार और आर्थिक स्वावलंबन को प्रमुख आधार बनाया गया है।
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