
मथुरा के कोसीकलां में एक हादसे ने माहौल को अचानक तनावपूर्ण बना दिया। ‘फरसा वाले बाबा’ के नाम से मशहूर गौरक्षक चंद्रशेखर की मौत के बाद सड़कों पर गुस्सा फूट पड़ा और देखते ही देखते मामला बड़े बवाल में बदल गया।
हाईवे पर हंगामा, पुलिस पर पथराव
घटना के बाद आक्रोशित समर्थकों ने दिल्ली-आगरा नेशनल हाईवे को जाम कर दिया। हालात इतने बिगड़ गए कि भीड़ ने सड़क पर जमकर प्रदर्शन किया, कई जगहों पर पथराव हुआ। पुलिसकर्मियों को भी चोटें आईं। स्थिति को काबू में करने के लिए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
कौन थे ‘फरसा वाले बाबा’?
इलाके में अलग पहचान रखते थे चंद्रशेखर
‘फरसा वाले बाबा’ के नाम से चर्चित चंद्रशेखर की पहचान उनके खास अंदाज से बनी थी, वे हमेशा अपने साथ फरसा (कुल्हाड़ी जैसा हथियार) रखते थे। इसी वजह से लोगों ने उन्हें यह नाम दिया। कोसीकलां और आसपास के क्षेत्रों में गौ तस्करी के खिलाफ सक्रिय रहते थे। कुछ हिंदूवादी संगठनों से भी जुड़े बताए जाते हैं। उन्होंने स्थानीय स्तर पर एक टीम बनाकर कथित तौर पर गौ तस्करी रोकने का अभियान भी चला रखा था।
कैसे हुई घटना?
पुलिस के शुरुआती इनपुट के मुताबिक चंद्रशेखर को रात में गौ तस्करी की सूचना मिली थी। वे तुरंत बाइक से संदिग्धों का पीछा करने निकल पड़े। आरोप है कि तस्करों ने उन्हें रोकने के बजाय गाड़ी से टक्कर मार दी। इस जोरदार टक्कर में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। फिलहाल पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है।
समर्थकों की मांग क्या है?
घटना के बाद समर्थकों का गुस्सा साफ नजर आया। उनकी मांगें हैं की चंद्रशेखर को “गौ पुत्र शहीद” का दर्जा दिया जाए। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाए।
CM योगी का सख्त रुख
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा, दोषियों की तुरंत पहचान कर कार्रवाई की जाए। किसी भी आरोपी को बख्शा न जाए। कानून-व्यवस्था हर हाल में बनाए रखी जाए।
स्थिति तनावपूर्ण, पुलिस अलर्ट
मथुरा के कई इलाकों में अभी भी तनाव बना हुआ है। पुलिस और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं ताकि कोई और अप्रिय घटना न हो।
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