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डेस्क रिपोर्टर
नई दिल्ली, न्यूज़ वर्ल्ड डेस्क। बच्चों का खेलना, कूदना अब पहले की अपेक्षा कम हो गया है। जब से मोबाइल फोन बच्चों के हाथों में आया है तब से ही उन्होंने बाकि सभी काम छोड़ दिए हैं। अब वो सिर्फ और सिर्फ मोबाइल फोन में लगे रहते हैं। इसके कई सारे खतरनाक नुकसान भी होते हैं, लेकिन इसके बाद भी बच्चे हैं कि मानते नहीं। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक बच्चों के द्वारा ज्यादा मोबाइल का इस्तेमाल, ज्यादा देर तक मोबाइल में गेम खेलने से उन पर ही नहीं बल्कि बड़ों पर भी इसका बुरा असर पड़ता है।
राज्य साइबर सेल ने बच्चों को गेम की लत से बचाने के लिए एक एडवाइजरी जारी की है। एडवाइजरी में अभिभावकों को समझाइश दी गई है कि, वो बच्चों को ऑनलाइन गेम नहीं खेलने के लिए जागरूक करें। ऑनलाइन गेम के लिए मना करने के दौरान बच्चों से प्यार से पेश आएं, क्योंकि कई बार बच्चों को ये समझाइश गलत लग जाती है और वो इसके विरुद्ध गलत कदम उठा लेते हैं। साथ ही परिजन प्ले स्टोर पर पैरेंटल कंट्रोल ऑन करें। फोन के पासवर्ड बच्चों को नहीं बताएं। आजकल साइबर ठगी के बच्चे शिकार हो रहे हैं, जिसके कारण यह एडवाइजरी जारी की गई है।
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