
तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) प्रमुख और अभिनेता से नेता बने सी जोसेफ विजय ने रविवार को तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली। सुबह 10:15 बजे आयोजित समारोह में राहुल गांधी समेत कई बड़े नेता मौजूद रहे, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन कर उन्हें बधाई दी। शपथ के तुरंत बाद विजय ने बड़े फैसलों की शुरुआत कर दी। उन्होंने 200 यूनिट फ्री बिजली, महिला सुरक्षा दल और एंटी ड्रग्स स्क्वॉड बनाने से जुड़े दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए। इससे साफ संकेत मिला कि नई सरकार शुरुआत से ही तेज फैसले लेने के मूड में है।
शपथ के दौरान राज्यपाल ने रोका
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान एक दिलचस्प पल भी देखने को मिला। विजय तय शपथ पंक्तियों से आगे बढ़कर अतिरिक्त बातें बोलने लगे। इस पर राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन अर्लेकर ने उन्हें बीच में टोकते हुए केवल निर्धारित शब्दों तक सीमित रहने को कहा। समारोह में मौजूद लोगों के बीच यह पल चर्चा का विषय बन गया। विजय ने तमिल भाषा में शपथ ली और संविधान, न्याय तथा निष्पक्ष शासन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई।
विजय के साथ 9 मंत्रियों ने भी ली शपथ
मुख्यमंत्री विजय के साथ उनकी पार्टी TVK के 9 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। इनमें एन आनंद, आधव अर्जुन, डॉ. केजी अरुणराज, केए सेंगोट्टैयन, पी वेंकटरमणन, आर निर्मलकुमार, राजमोहन, डॉ. टीके प्रभु और सेल्वी एस कीर्तना शामिल हैं। इसके अलावा टीवीके नेता एमवी करुप्पैया को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया गया है। राज्यपाल ने नई सरकार को 13 मई तक विधानसभा में विश्वास मत साबित करने का निर्देश दिया है।
CM बनते ही एक्शन मोड में दिखे विजय
शपथ लेने के तुरंत बाद विजय ने जनता से जुड़े फैसलों को प्राथमिकता दी। सरकार के पहले आदेशों में घरेलू उपभोक्ताओं को 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने की घोषणा शामिल रही। इसके साथ महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष सुरक्षा दल और राज्य में बढ़ते नशे के मामलों पर लगाम लगाने के लिए एंटी ड्रग्स स्क्वॉड बनाने का फैसला भी लिया गया। राजनीतिक जानकार इसे जनता को तुरंत संदेश देने की रणनीति मान रहे हैं कि नई सरकार तेज और आक्रामक फैसले लेने वाली है।
राष्ट्रगान और वंदे मातरम पर शुरू हुआ विवाद
शपथ ग्रहण समारोह खत्म होते ही एक नया विवाद भी खड़ा हो गया। समारोह में ‘तमिल थाई वाजथु’ यानी तमिल राज्य गीत से पहले ‘जन गण मन’ और ‘वंदे मातरम’ बजाया गया, जिस पर DMK ने आपत्ति जताई। डीएमके नेताओं का कहना है कि राज्य की परंपरा के मुताबिक तमिल राज्य गीत सबसे पहले बजाया जाना चाहिए था। पार्टी नेता टी.के.एस. एलंगोवन ने आरोप लगाया कि विजय अब बीजेपी की विचारधारा की ओर झुकते दिख रहे हैं। हालांकि TVK ने सफाई देते हुए कहा कि गीतों के क्रम का फैसला राज्यपाल कार्यालय की ओर से तय किया गया था। इसके बावजूद यह मुद्दा अब तमिलनाडु की राजनीति में नई बहस बनता दिख रहा है।
पाठकों की राय (0)
इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

