गुरुवार, 23 अप्रैल 2026
Logo
National

महाराष्ट्र की 288 सीटों पर वोटिंग शुरू, 6 बड़ी पार्टियां, दो बड़े गठबंधनों में है मुकाबला

20 नव, 20240 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
महाराष्ट्र की 288 सीटों पर वोटिंग शुरू, 6 बड़ी पार्टियां, दो बड़े गठबंधनों में है मुकाबला

महाराष्ट्र की 288 सीटों पर वोटिंग शुरू, 6 बड़ी पार्टियां, दो बड़े गठबंधनों में है मुकाबला

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

मुंबई। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की रणभेरी बज उठी है। महाराष्ट्र में 288 विधानसभा सीटों पर वोटिंग चल रही है। बुधवार (20 नवंबर) सुबह 7 बजे वोटिंग शुरू हो गई जाे शाम 6 बजे तक चलेगी।  यह चुनाव राज्य के लिए बेहद खास है क्योंकि शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) में हुई टूट के बाद पहली बार दोनों पार्टियों के अलग-अलग गुट मैदान में हैं। भाजपा और कांग्रेस जैसी बड़ी पार्टियों के लिए यह चुनाव लिटमस टेस्ट होगा। 


8.35 करोड़ वोटर्स करेंगे वोटिंग राइट का इस्तेमाल

महाराष्ट्र में 158 पार्टियां चुनावी रण में ताल ठोक रही हैं। 6 बड़ी पार्टियां अलग-अलग गठबंधनों का हिस्सा बनकर अपनी किस्मत आजमा रही हैं। शिवसेना और एनसीपी में बंटवारे ने मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है। राज्य में कुल 8.35 करोड़ पंजीकृत मतदाता हैं। इनमें 4 करोड़ से अधिक महिला मतदाता हैं। 18 से 29 साल के युवा मतदाताओं की संख्या करीब 2 करोड़ है। 


भाजपा-कांग्रेस के बीच जोरदार मुकाबला  

भारतीय जनता पार्टी (BJP) 149 सीटों पर और कांग्रेस 101 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। पिछले चुनाव में भाजपा और शिवसेना के गठबंधन ने बहुमत पाया था।इसके बाद महाविकास अघाड़ी सरकार बनी जिसमें उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री बने। लेकिन बाद में राजनीतिक मतभेद के कारण गठबंधन टूट गया। इस बार भाजपा शिंदे गुट की शिवसेना और अजित पवार की एनसीपी के साथ 'महायुति' का हिस्सा है।


शिवसेना और एनसीपी के बंटवारे के बाद पहला चुनाव

अब शिवसेना और NCP के बंटवारे के बाद यह पहला चुनाव है। कांग्रेस महाविकास अघाड़ी के तहत शिवसेना (UBT) और शरद पवार के एनसीपी गुट के साथ चुनाव लड़ रही है। भाजपा मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में मैदान में है। वहीं, कांग्रेस ने अनुभवी नेताओं पर भरोसा किया है।


शिवसेना की साख का बड़ा इम्तिहान

इस चुनाव में शिवसेना के लिए बड़ी चुनौती है। पार्टी का बंटवारा होने के बाद यह पहला विधानसभा चुनाव है। एक तरफ उद्धव ठाकरे का गुट शिवसेना (UBT) के नाम से मैदान में है। दूसरी तरफ, एकनाथ शिंदे की अगुवाई में बालासाहेबांची शिवसेना ने मोर्चा संभाला है। दोनों गुट खुद को असली साबित करने में लगे है। पिछले चुनाव में कांग्रेस और एनसीपी ने एकसाथ 98 सीटें जीती थीं। हालांकि, बगावत और गठजोड़ ने इस बार समीकरण पूरी तरह बदल दिए हैं।

पाठकों की राय (0)

इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

अपनी प्रतिक्रिया दें