
डेस्क रिपोर्टर
News World Desk
नई दिल्ली, न्यूज़ वर्ल्ड डेस्क। केंद्र सरकार ने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेकर सभी को चौंका दिया है। भारत के अलावा पूरे विश्व में भी इसको लेकर चर्चा हो रही है। सभी देशों का मीडिया इस पर लगातार अपनी नजर बनाए हुए है। ब्रिटेन, अमेरिका, कनाडा और पाकिस्तान में समाचार वेबसाइटों पर यह खबर होम पेज (मुख्य पेज) पर चल रही है।
न्यूयॉर्क टाइम्स
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जैसे ही राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कृषि कानून को वापस लेने की बात कही, उसके कुछ मिनटों बाद ही यह खबर ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ की वेबसाइट पर फ्लैश हो गई। न्यूयॉर्क टाइम्स ने लिखा, 'लगभग एक साल तक चले कृषि आंदोलन के सामने पीएम नरेंद्र मोदी को आखिर अपना रुख बदलना पड़ा। सॉफ्ट अप्रोच अपनाते हुए सरकार ने यह कानून वापस ले लिया है। आंदोलन कर रहे किसानों ने सरकार के फैसले का स्वागत किया है। पीएम ने गुरुनानक देव के प्रकाश पर्व पर यह फैसला इसलिए क्योंकि आंदोलन में सिखों की तादात ज्यादा है।'
CNN
CNN ने पीएम का भाषण हूबहू लिखा है। वेबसाइट पर किसान नेता दीपका लांबा के बयान को पब्लिश करते हुए लिखा, सियासी मजबूरियों के चलते सरकार ने यह फैसला किया है। यह किसानों की बहुत बड़ी जीत है। वेबसाइट ने लिखा कि, कोई भी सरकार भारत में किसानों को नाराज करने का जोखिम नहीं ले सकती, क्यों यह कृषि प्रधान देश है। अगले साल 7 राज्यों में चुनाव है और इन्हें नजरअंदाज नहीं कियांज सकता।
the Guardian
ब्रिटिश न्यूज़ पेपर 'द गार्डियन' ने लिखा - जब 2020 में भारत सरकार ने यह कानून लाए थे तो यह लगा था कि कृषि का पूरा ढांचा बदलना चाहती है। यहां की 60% आबादी कृषि पर ही आधारित है। लिहाजा, इस कदम पर हर किसी की नजरें थीं।
The Globe And Mail
कनाडा के अखबार 'द ग्लोब एंड मेल' ने लिखा - एक बार फिर पीएम मोदी ने चौंकाया दिया। पीएम की एक बात पर गौर करना चाहिए। मोदी ने कहा - अब हमें नई शुरुआत करनी चाहिए। गुरुनानक देव की जयंती पर पीएम के इस ऐलान के कई मायने निकाले जा सकते हैं।
Dawn
एजेंसी इनपुट के साथ पाकिस्तान के सबसे बड़े अखबार और वेबसाइट ने हेडिंग दी - कृषि कानूनों पर मोदी को कदम पीछे खींचने पड़े। द डॉन ने दो सिख किसानों की एक-दूसरे को मिठाई खिलाते हुए फोटो लगाई। वहां यहां की अन्य बड़ी वेबसाइट्स की खबरों का सार भी करीब-करीब यही रहा।
पाठकों की राय (0)
इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

