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गड्ढे में उछली एम्बुलेंस तो उठ खड़ा हुआ मुर्दा व्यक्ति, परिजन कर रहे थे अंतिम संस्कार की तैयारी

03 जन, 20250 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
गड्ढे में उछली एम्बुलेंस तो उठ खड़ा हुआ मुर्दा व्यक्ति, परिजन कर रहे थे अंतिम संस्कार की तैयारी

गड्ढे में उछली एम्बुलेंस तो उठ खड़ा हुआ मुर्दा व्यक्ति, परिजन कर रहे थे अंतिम संस्कार की तैयारी

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

मुंबई। महाराष्ट्र के कोल्हापुर से एक चमत्कारी घटना सामने आई है, जिसे लोग "न्यू ईयर मिरेकल" के रूप में देख रहे हैं। पांडुरंग तात्या उल्पे नामक एक बुजुर्ग व्यक्ति को हार्ट अटैक आया था, और डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। उनके परिवार ने अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी थी, और शव को एंबुलेंस में घर ले जाया जा रहा था। रास्ते में एंबुलेंस एक बड़े गड्ढे से गुजरी, जिससे एंबुलेंस में बैठे सभी लोगों को जोरदार झटका लगा। इस झटके के बाद परिवार वालों के होश तब उड़ गए जब पांडुरंग तात्या अचानक सांस लेने लगे। आनन-फानन में उन्हें दोबारा अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें तंदुरुस्त घोषित किया।


16 दिसंबर 2024 को 65 वर्षीय पांडुरंग उल्पे को शाम के समय अचानक चक्कर आया और वह घर पर गिर पड़े। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने हार्ट अटैक से मृत घोषित कर दिया। अंतिम संस्कार की तैयारी के बीच एंबुलेंस के रास्ते में गड्ढे के कारण अचानक झटका लगा और पांडुरंग की उंगलियां हिलने लगीं और उनके शरीर में हलचल शुरू हो गई। पांडुरंग की सांसें वापस लौट आईं। डॉक्टर भी इस चमत्कार पर हैरान हैं कि ऐसा कैसे हुआ, क्योंकि यह घटना पूरी तरह असामान्य थी। यह मामला अब एक रहस्य बना हुआ है, जिसे लोग एक चमत्कारी घटना के रूप में देख रहे हैं।


पांडुरंग तात्या उल्पे के रिश्तेदारों ने इस चमत्कारी घटना के बारे में बताया कि जब डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित किया, तब परिवार ने अंतिम संस्कार की सारी तैयारियां पूरी कर ली थीं। शव को एंबुलेंस में डाला गया और घर ले जाने के लिए रास्ते में निकला गया। एंबुलेंस में पांडुरंग के पोते रोहित और अन्य रिश्तेदार भी मौजूद थे। डॉक्टरों ने पांडुरंग को मृत घोषित किया था, और परिजनों ने अस्पताल की फॉर्मलिटी पूरी करने के बाद एंबुलेंस बुक की थी। रास्ते में एंबुलेंस एक गड्ढे से गुजरी, जिससे सभी को जोरदार झटका लगा। इसके बाद परिजनों ने देखा कि पांडुरंग की उंगलियां हिल रही थीं और शरीर में हलचल हो रही थी। परिजनों ने उनकी सांस चेक की और पाया कि वह सांस ले रहे थे। यह देखकर सभी हैरान और खुश हो गए। पांडुरंग को तुरंत वापस अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने पुष्टि की कि वे जीवित हैं और तंदुरुस्त हैं।

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