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‘पर्दे के पीछे कौन?’ देश में विरोध-प्रदर्शनों की पूरी पड़ताल के लिए अमित शाह का बड़ा ऐलान, तैयार होगा राष्ट्रीय SOP

15 सित, 20250 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
‘पर्दे के पीछे कौन?’ देश में विरोध-प्रदर्शनों की पूरी पड़ताल के लिए अमित शाह का बड़ा ऐलान, तैयार होगा राष्ट्रीय SOP

‘पर्दे के पीछे कौन?’ देश में विरोध-प्रदर्शनों की पूरी पड़ताल के लिए अमित शाह का बड़ा ऐलान, तैयार होगा राष्ट्रीय SOP

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

नई दिल्ली। देश में निहित स्वार्थों वाले बड़े विरोध-प्रदर्शनों को रोकने की दिशा में केंद्र सरकार अब निर्णायक कदम उठाने जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पुलिस रिसर्च एवं विकास ब्यूरो (BPR&D) को आज़ादी के बाद से हुए सभी बड़े प्रदर्शनों—खासतौर पर 1974 के बाद के आंदोलनों—की गहन स्टडी करने का निर्देश दिया है।

शाह ने साफ कहा है कि, “भविष्य में इस तरह के आंदोलन को रोकने के लिए एक ठोस रोडमैप जरूरी है।” इसके बाद इन आंदोलनों के कारण, पैटर्न, वित्तीय पहलू और पर्दे के पीछे के खिलाड़ियों का पूरा विश्लेषण किया जाएगा।


राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन में हुआ बड़ा फैसला

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई के आखिरी हफ्ते में नई दिल्ली में इंटेलिजेंस ब्यूरो द्वारा आयोजित राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन-2025 में अमित शाह ने यह निर्देश दिए। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, शाह ने BPR&D को स्पष्ट आदेश दिया है कि विरोध-प्रदर्शनों की “वित्तीय खुराक” तक को खंगालकर मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार की जाए।


जांच में शामिल होंगी वित्तीय एजेंसियां

शाह ने कहा है कि इस स्टडी में प्रवर्तन निदेशालय (ED), फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट-इंडिया (FIU-IND) और सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) को भी जोड़ा जाए। इन एजेंसियों को ऐसे आंदोलनों के वित्तीय लेनदेन और फंडिंग नेटवर्क की गहराई से जांच करने का टास्क दिया गया है।


आतंकी फंडिंग नेटवर्क पर कड़ी नजर

रिपोर्ट में बताया गया है कि आतंकी फंडिंग को ध्वस्त करने के लिए ईडी, FIU-IND और CBDT को वित्तीय अनियमितताओं का पता लगाने और अज्ञात आतंकी नेटवर्क की पहचान करने के लिए विशेष SOP बनाने को कहा गया है।


धार्मिक आयोजनों पर भी होगी स्टडी

शाह ने निर्देश दिया है कि BPR&D राज्य पुलिस विभागों के साथ मिलकर धार्मिक आयोजनों पर अलग से स्टडी करे, ताकि भगदड़ जैसी घटनाओं के पीछे के कारणों को समझा जा सके और निगरानी व रेगुलेशन के लिए ठोस प्लान तैयार हो।


खालिस्तानी उग्रवाद पर विशेष रणनीति

सूत्रों के मुताबिक, शाह ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), बीएसएफ और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) को पंजाब में खालिस्तानी उग्रवाद और आपराधिक गतिविधियों से निपटने के लिए अलग कार्ययोजना बनाने को कहा है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “खुफिया एजेंसियों को पंजाब से जुड़े मुद्दों की गहरी जानकारी रखने वाली टीम तैयार करनी चाहिए, ताकि आतंकवाद-अपराधी गठजोड़ के घरेलू नोड्स को तोड़ा जा सके।” इसमें जेलों में बंद अपराधियों को अन्य राज्यों की जेलों में शिफ्ट करना भी शामिल होगा।


क्या है आगे की योजना

गृह मंत्रालय के अधीन BPR&D जल्द ही एक विशेष टीम गठित करेगा, जो राज्यों के CID विभागों और पुरानी केस फाइलों से रिपोर्ट इकट्ठा करेगी। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह पहल भविष्य में बड़े विरोध प्रदर्शनों और आतंकी नेटवर्क को जड़ से खत्म करने की दिशा में गेम-चेंजर साबित हो सकती है।

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