गुरुवार, 23 अप्रैल 2026
Logo
National

क्या फडणवीस बनेंगे सीएम या एमपी-राजस्थान की तरह बदलेगा चेहरा? मंथन जारी

30 नव, 20240 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
क्या फडणवीस बनेंगे सीएम या एमपी-राजस्थान की तरह बदलेगा चेहरा? मंथन जारी

क्या फडणवीस बनेंगे सीएम या एमपी-राजस्थान की तरह बदलेगा चेहरा? मंथन जारी

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में सस्पेंस का माहौल बना हुआ है। अभी तक बीजेपी ने CM के नाम को लेकर कुछ भी साफ-साफ नहीं कहा है। एकनाथ शिंदे ने सीएम पद से पीछे हटने का ऐलान कर दिया है। ऐस में ये साफ हो गया कि अगला सीएम बीजेपी से होगा, लेकिन क्या बीजेपी देवेंद्र फडणवीस को दोबारा सीएम बनाएगी या फिर राजस्थान और एमपी की तरह किसी नए चेहरे को मौका देगी, इस पर सस्पेंस बरकरार है। बीजेपी में मुख्यमंत्री के नाम को लेकर मंथन जारी है। जानें कैसे चल रही है महाराष्ट्र में सीएम बदलने की तैयारी


बीजेपी में चल रही है माथापच्ची

बीजेपी के भीतर मुख्यमंत्री के नाम पर विचार-विमर्श तेज है। बुधवार रात अमित शाह और पार्टी महासचिव विनोद तावड़े के बीच बैठक हुई। इस बैठक में यह चर्चा हुई कि अगर देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री बनाया जाता है, तो मराठा समुदाय की नाराजगी को कैसे संभाला जाए। आज शाम को एक और बैठक होने की उम्मीद है। इसमें अमित शाह, एकनाथ शिंदे, देवेंद्र फडणवीस और एनसीपी नेता अजित पवार शामिल हो सकते हैं।


शिवसेना और एनसीपी भी तैयारी में जुटी

एनसीपी के नेता प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे ने दिल्ली में अमित शाह से मुलाकात की। वहीं, मुंबई में एनसीपी के छगन भुजबल और बीजेपी नेता गिरीश महाजन के बीच बातचीत हुई। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री के साथ-साथ कैबिनेट के पदों का भी रोडमैप तैयार किया जा रहा है। बीजेपी को 20, शिवसेना को 12 और एनसीपी को 10 मंत्री पद मिल सकते हैं। अजित पवार ने अपने लिए कैबिनेट में कुछ अहम मंत्री पदों की डिमांड की है। इस बात की भी चर्चा है कि महाराष्ट्र में दो डिप्टी सीएम हो सकते हैं। एकनाथ शिंदे और अजित पवार को डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है। 


एकनाथ शिंदे का बड़ा बयान

एकनाथ शिंदे ने ठाणे में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि वह मुख्यमंत्री पद की रेस में नहीं हैं। उन्होंने बीजेपी के हर फैसले का समर्थन करने की बात कही। शिंदे के इस बयान से मुख्यमंत्री पद के ऐलान का रास्ता साफ हो गया है। उनके समर्थकों ने जरूर मांग की कि वह मुख्यमंत्री बने रहें, लेकिन शिंदे ने स्पष्ट कर दिया कि वह इस प्रक्रिया में कोई बाधा नहीं डालेंगे। शिंदे ने कहा कि मेरे लिए महराष्ट्र का विकास ज्यादा अहम है। राज्य का विकास तभी हो सकता है जब केंद्र का साथ मिले। इसलिए मैं बीजेपी के साथ रहूंगा। मेरी ओर से महाराष्ट्र में नई सरकार के गठन में कोई समस्या नहीं होगी। 


विपक्ष का नेता प्रतिपक्ष पर दावा

इस बार विधानसभा में किसी विपक्षी पार्टी के पास नेता प्रतिपक्ष का दावा पेश करने के लिए पर्याप्त सीटें नहीं हैं। एमवीए गठबंधन ने संयुक्त नेता प्रतिपक्ष का प्रस्ताव दिया है। उनका कहना है कि वे राज्यपाल को पत्र लिखकर इसे लेकर औपचारिक दावा करेंगे। बता दें कि इस बार महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव में विपक्ष की तीनों पार्टियों मे किसी के पास इतनी सीटें नहीं अकेले विधानसभा में विपक्ष के नेता के लिए दावा ठोंक सके।

पाठकों की राय (0)

इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

अपनी प्रतिक्रिया दें