
डेस्क रिपोर्टर
News World Deskनई दिल्ली, न्यूज़ वर्ल्ड डेस्क। संसद का शीतकालीन सत्र 29 नवंबर से बुलाया गया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल की संसदीय मामलों की समिति ने राष्ट्रपति को सोमवार को पत्र लिख कर 25 दिन के शीतकालीन सत्र बुलाने की सिफारिश की है। कोविड प्रोटोकॉल के तहत यह सत्र 29 नवंबर से 23 दिसंबर तक चलेगा।
दअरसल, कोरोना महामारी के चलते पिछले साल संसद का शीतकालीन सत्र नहीं हो पाया था। वहीं 14 सितंबर से 1 अक्टूबर 2020 तक के मॉनसून सत्र को कोरोना के चलते 23 सितंबर को ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया था।
क्यों है यह शीतकालीन सत्र महत्वपूर्ण
शीतकालीन सत्र को इस वजह से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि कुछ ही महीने के भीतर पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इन पांच राज्यों में उत्तरप्रदेेश भी शामिल है, जिसे 2024 का सेमीफाइल भी कहा जा रहा है।
दोनों सदन साथ चलेगी
हालांकि शीतकालीन सत्र पर अभी कोई आधिकारिक फैसला नहीं लिया है। लोकसभा और राज्यसभा दोनों एक साथ चलेंगी और सदस्यों को सोशल डिस्टेनसिंग और कोविड गाइडलाइंस का पालन करना होगा। पहले कुछ सत्रों में दोनों सदन अलग-अलग समय पर बैठक करती थी, ताकि यह सुनिश्ति किया जा सके कि संसद परिसर के अंदर बहुत अधिक लोग मौजूद नही हो।
यह मुद्दें रहेंगे खास
शीतकालीन सत्र के दौरान विपक्ष सरकार को घेरने के लिए पूरा प्रयास करेगा। जिसमें की मंहगाई, पेगासस, कृषि कानून, कश्मीर में आतंकवाद समेत कई महत्वपूर्ण विषयों के जरिए सरकार को घेर सकता है।
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