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शी जिनपिंग BRICS समिट के लिए भारत आएंगे, PM मोदी से मुलाकात की संभावना, गलवान के बाद पहली द्विपक्षीय बैठक पर नजर

10 सित, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
शी जिनपिंग BRICS समिट के लिए भारत आएंगे, PM मोदी से मुलाकात की संभावना, गलवान के बाद पहली द्विपक्षीय बैठक पर नजर
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने भारत पहुंचेंगे। चीन के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को उनके दौरे की पुष्टि की है।


जिनपिंग की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक होने की संभावना है। बैठक हुई तो यह गलवान हिंसा के बाद भारत में दोनों नेताओं की पहली द्विपक्षीय बातचीत होगी।


गलवान के बाद पहली आमने-सामने बातचीत की संभावना

भारत और चीन के रिश्तों में जून 2020 की गलवान घाटी की झड़प एक अहम मोड़ रही थी। पूर्वी लद्दाख में हुई इस हिंसक झड़प में 20 भारतीय सैनिक शहीद हुए थे। चीन ने बाद में अपने 4 सैनिकों की मौत की जानकारी स्वीकार की थी। इसके बाद दोनों देशों के बीच सीमा से जुड़े मुद्दों पर तनाव बना रहा।


BRICS सम्मेलन में जुटेंगे प्रमुख देश

नई दिल्ली में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में 12 और 13 सितंबर को सदस्य देशों के नेता शामिल होंगे। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी भारत आने वाले हैं। इस सम्मेलन में चीन और रूस के अलावा ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, ईरान, इथियोपिया, UAE और इंडोनेशिया समेत 11 देश शामिल होंगे।


डोभाल की चीन यात्रा के बाद बढ़ी कूटनीतिक गतिविधि

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने 24 अगस्त को चीन का दौरा किया था। अगले दिन 25 अगस्त को उन्होंने चीनी विदेश मंत्री वांग यी के साथ बातचीत की। बैठक में सीमा विवाद के साथ कई दूसरे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। डोभाल की यह यात्रा भारत-चीन संबंधों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों के बीच हुई।


सीमा से आगे व्यापार पर भी भारत का फोकस

भारत की प्राथमिकताओं में चीन के साथ सीमा विवाद के अलावा आर्थिक और व्यापारिक संबंध भी शामिल हैं। भारत अपने बड़े व्यापार घाटे को कम करना चाहता है। रेयर अर्थ मैगनेट और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट जैसे जरूरी सामान की आपूर्ति में चीन पर निर्भरता घटाना भी भारत के प्रयासों का हिस्सा है।


भारत की अध्यक्षता में हो रहा BRICS कार्यक्रम

इस वर्ष BRICS की अध्यक्षता भारत कर रहा है। संगठन में भारत, रूस, चीन, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका के साथ मिस्र, ईरान, इथियोपिया, UAE और इंडोनेशिया शामिल हैं। भारत की अध्यक्षता के दौरान पूरे साल अलग-अलग शहरों में बैठकें, मंत्रीस्तरीय सम्मेलन और विभिन्न स्तरों पर चर्चाएं आयोजित की जा रही हैं।


ग्लोबल साउथ से लेकर सप्लाई चेन तक एजेंडा

भारत ने BRICS के लिए ग्लोबल साउथ की आवाज मजबूत करने, आर्थिक सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा, डिजिटल तकनीक, आतंकवाद से निपटने और सप्लाई चेन मजबूत करने को प्रमुख फोकस बनाया है। BRICS को केवल राजनीतिक मंच तक सीमित रखने के बजाय भारत व्यापार, निवेश और विकास से जुड़े सहयोग के बड़े मंच के रूप में आगे बढ़ाने पर जोर दे रहा है।

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