रविवार, 21 जून 2026
Logo
National

शरीर, मन और आत्मा को संतुलित करता है योग: द्रौपदी मुर्मु

21 जून, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
शरीर, मन और आत्मा को संतुलित करता है योग: द्रौपदी मुर्मु
Hitesh Kumar Singh
डेस्क रिपोर्टर
Hitesh Kumar Singh

भोपाल। अंतर्राष्‍ट्रीय योग दिवस पर जबलपुर के गैरीसन ग्राउंड में राज्य स्तरीय योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि राष्‍ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा है कि हम भारत की उस महान योग परंपरा का उत्सव मना रहे हैं, जिसने मानवता के लिये स्वस्थ, संतुलित और सार्थक जीवन का मार्ग प्रदान किया है। योग विश्व को हमारी सांस्कृतिक धरोहर का एक अनमोल उपहार है। योग शरीर, मन और आत्मा को संतुलित करता है। 


राष्‍ट्रपति ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सभी नागरिकों को योग को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का संकल्‍प दिलाया। उन्होंने कहा कि योग हमारे ऋषियों-मुनियों की हजारों वर्षों की साधना का परिणाम है। आज भारतभूमि से स्वास्थ्य, संतुलन, शांति और आत्मकल्याण का संदेश विश्व में प्रसारित किया जा रहा है। “योग स्वस्थ आयु के लिए” थीम पर राष्‍ट्रीय कार्यक्रम कोलकाता में प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के मुख्‍य आतिथ्‍य में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के कोलकाता से आयोजित कार्यक्रम का सजीव प्रसारण देखा व सुना गया। 


योगाभ्यास में मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उप मुख्‍यमंत्री व जिले के प्रभारी मंत्री जगदीश देवड़ा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, राज्‍यसभा सांसद सुमित्रा बाल्‍मीक, सांसद आशीष दुबे, विधायक अजय विश्‍नोई, अशोक रोहाणी, सुशील तिवारी इंदु, डॉ. अभिलाष पांडे, नीरज सिंह, संतोष बरकड़े, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्‍नू, मुख्‍य सचिव अनुराग जैन ने भी सामूहिक योग योगाभ्यास में सहभागिता की।


5 हजार लोगों ने योगाभ्यास में सहभागिता की

मध्‍यप्रदेश तीर्थ क्षेत्र एवं मेला प्राधिकरण अध्‍यक्ष विनोद गोंटिया, नगर निगम अध्‍यक्ष रिकुंज विज, रत्‍नेश सोनकर, राजकुमार पटेल, अखिलेश जैन, अश्विनी परांजपे, संभागायुक्‍त धनंजय सिंह, कलेक्‍टर राघवेन्‍द्र सिंह, पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्‍याय, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी सहित लगभग 5 हजार योग साधकों ने सामूहिक योगाभ्यास में सहभागिता की।


योग अब जीवन शैली का अहम हिस्सा बनता जा रहा 

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि वर्ष 2014 में भारत की पहल पर संयुक्त राष्ट्र महासभा ने प्रतिवर्ष 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की। इस पहल से योग को विश्व कल्याण के एक सशक्त माध्यम के रूप में नई पहचान और व्यापक स्वीकार्यता मिली है। आज दुनिया के अनेक देशों में करोड़ों लोग योग को अपने दैनिक जीवन का अहम हिस्सा बना रहे हैं। योग अब जीवन शैली का अहम हिस्सा बनता जा रहा है। विदेशों में भी योग के प्रति लोगों का आकर्षण निरंतर बढ़ रहा है, और यह भारत की सांस्कृतिक शक्ति का सशक्त उदाहरण है।


दिनचर्या में शामिल करने का संकल्प लें: मंगुभाई पटेल 

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ बनाने का माध्यम ही नहीं, बल्कि यह संपूर्ण जीवन को संतुलित, सरल और आनंदमयी बनाने की पद्धति है।प्राणायाम के जरिए हम नई ऊर्जा और सकारात्मक सोच को अपनाते हैं। ध्यान हमें अपने अंदर झांकने का अवसर देता है और मन की शांति प्रदान करता है। रोजाना केवल 20 से 30 मिनट का योगाभ्यास, ध्यान और प्राणायाम हमारे लिए प्रभावी और सकारात्मक बदलाव लाने का सबसे सरल माध्यम है। आज योग को आत्मिक उन्नति का माध्यम बनाकर दिनचर्या में शामिल करने का संकल्प लें।


भारत ने योग के रूप में दुनिया को मानव कल्याण का उपहार सौंपा : डॉ. मोहन यादव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज दुनिया के करीब 2500 स्थानों पर योगाभ्यास किया गया। 210 से अधिक दूतावासों ने भी सामूहिक योग में भागीदारी की । भारत ने योग के रूप में दुनिया को मानव कल्याण का उपहार सौंपा है। योग का अर्थ है जोड़ना, भारत ने अपने ज्ञान- विवेक और विचार से सदैव सभी को एक-दूसरे से जोड़ा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की प्राचीन ऋषि परंपरा, हमारी आध्यात्मिक चेतना और समृद्ध सनातन संस्कृति का वैश्विक पटल पर परिचय कराया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के साथ सूर्य देव की कक्षा परिवर्तन का दिन भी है। आज से सूर्य देव उत्तरायण से दक्षिणायण की ओर यात्रा शुरू करते है।


पाठकों की राय (0)

इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

अपनी प्रतिक्रिया दें