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Zomato पर खाना ऑर्डर करना हुआ महंगा! प्लेटफॉर्म फीस बढ़कर ₹14.90, अब हर ऑर्डर पर ज्यादा खर्च

20 मार्च, 2026 0 व्यूज 4 मिनट पढ़ाई
Zomato पर खाना ऑर्डर करना हुआ महंगा! प्लेटफॉर्म फीस बढ़कर ₹14.90, अब हर ऑर्डर पर ज्यादा खर्च
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

नई दिल्ली। अगर आप अक्सर Zomato से खाना मंगाते हैं, तो अब हर ऑर्डर थोड़ा महंगा पड़ने वाला है। कंपनी ने चुपचाप अपनी प्लेटफॉर्म फीस बढ़ा दी है, जिससे यूजर्स की जेब पर सीधा असर पड़ेगा।


प्लेटफॉर्म फीस में बढ़ोतरी, अब कितना देना होगा?

फूड डिलीवरी कंपनी Zomato ने 20 मार्च से प्लेटफॉर्म फीस बढ़ा दी है।


पहले: ₹12.50 प्रति ऑर्डर


अब: ₹14.90 प्रति ऑर्डर


बढ़ोतरी: ₹2.40


GST जुड़ने के बाद यह रकम और बढ़ जाएगी।


ध्यान देने वाली बात यह है कि यह चार्ज डिलीवरी फीस, टैक्स या रेस्टोरेंट चार्ज से अलग होता है।


क्या होती है प्लेटफॉर्म फीस?

प्लेटफॉर्म फीस एक अतिरिक्त शुल्क है जो हर ऑर्डर पर लगाया जाता है। यह कंपनी के टेक प्लेटफॉर्म और सर्विसेज को बनाए रखने के लिए लिया जाता है। हर ऑर्डर पर लागू होता है, चाहे ऑर्डर छोटा हो या बड़ा। Zomato रोजाना करीब 20–25 लाख ऑर्डर डिलीवर करता है, ऐसे में यह फीस कंपनी के लिए बड़ा रेवेन्यू सोर्स बन चुकी है।


Swiggy से कड़ी टक्कर

Zomato की सीधी प्रतिस्पर्धा Swiggy से है। Swiggy फिलहाल करीब ₹14.99 (टैक्स सहित) प्लेटफॉर्म फीस ले रहा है। Zomato की नई फीस अब लगभग उसी स्तर पर पहुंच गई है। आमतौर पर देखा गया है कि दोनों कंपनियां एक-दूसरे के दामों के अनुसार अपनी फीस एडजस्ट करती रहती हैं।


₹2 से ₹14.90 तक का सफर

Zomato ने प्लेटफॉर्म फीस की शुरुआत बहुत कम कीमत से की थी:


अगस्त 2023: ₹2


फिर बढ़कर: ₹3 → ₹4 (जनवरी 2024)


बाद में: ₹7


सितंबर 2025: ~20% बढ़ोतरी


अब 2026: ₹14.90


यानी करीब डेढ़ साल में फीस कई गुना बढ़ चुकी है।


क्यों बढ़े चार्ज?

ऑपरेशनल कॉस्ट और तेल की कीमतें बनी वजह

फीस बढ़ाने के पीछे कई कारण माने जा रहे हैं:

कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी

डिलीवरी पार्टनर्स की लागत में इजाफा

लॉजिस्टिक्स खर्च बढ़ना

कंपनी का मुनाफा सुधारने का दबाव


इन सभी वजहों से कंपनियां यूजर्स पर अतिरिक्त चार्ज डाल रही हैं।


Zomato की कहानी: कैसे बनी फूड डिलीवरी दिग्गज

Zomato की शुरुआत 2008 में Deepinder Goyal और पंकज चड्ढा ने FoodieBay नाम से की थी।


2010 में नाम बदलकर Zomato किया गया


भारत के बड़े शहरों में तेजी से विस्तार


2012 के बाद अंतरराष्ट्रीय मार्केट में एंट्री


देश का पहला फूड-टेक यूनिकॉर्न बना


कंपनी ने FY2024 में पहली बार मुनाफा दर्ज किया था।


इसके अलावा Zomato ने ग्रॉसरी डिलीवरी के लिए Blinkit का अधिग्रहण भी किया है।


यूजर्स पर क्या असर पड़ेगा?

- हर ऑर्डर पर खर्च बढ़ेगा

- छोटे ऑर्डर अब ज्यादा महंगे लगेंगे

- बार-बार ऑर्डर करने वालों का मासिक खर्च बढ़ सकता है

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