
डेस्क रिपोर्टर
Sandeep Sinhaरिपोर्ट - सुनील चौहान
दुर्ग । छत्तीसगढ़ में जिला खनिज फाउंडेशन (DMF) घोटाले की जांच अब तेज हो गई है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) और आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने बुधवार को राज्य के कई जिलों में एक साथ बड़ी कार्रवाई की है। जानकारी के मुताबिक, ACB-EOW की संयुक्त टीम ने रायपुर, धमतरी, राजनांदगांव और भिलाई-दुर्ग सहित कई जिलों में माइनिंग से जुड़े कारोबारियों और सरकारी सामान सप्लायरों के ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। दुर्ग जिले में यह कार्रवाई मेघ गंगा ग्रुप के संचालक मनीष पारख के ठिकानों पर की गई। माना जा रहा है कि यह छापेमारी DMF घोटाले के तार से जुड़ी हुई है। एजेंसी के अधिकारियों ने इस दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं।
बताया जा रहा है कि मनीष पारख का नाम पहले भी विवादों में रह चुका है। उनके नेहरू नगर स्थित इमेज डायग्नोसिस सेंटर में एक डॉक्टर पर गर्भवती महिला से छेड़छाड़ का मामला सामने आया था, जिसके बाद उनका नाम चर्चा में आया था। सूत्रों के अनुसार, यह छापेमारी राज्य में DMF फंड के दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं की जांच का हिस्सा है। कार्रवाई के बाद प्रदेश के कारोबारियों और सप्लायरों में हड़कंप मच गया है।
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