
डेस्क रिपोर्टर
Sandeep Sinhaरिपोर्ट- प्रशांत द्विवेदी
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य प्रशासन को अधिक संवेदनशील, सुगम और जनहितकारी बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में सिविल लाइंस स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इनमें आत्मसमर्पित नक्सलियों के विरुद्ध दर्ज प्रकरणों की वापसी प्रक्रिया, 14 अधिनियमों में बड़े संशोधन, और वर्ष 2025-26 के प्रथम अनुपूरक अनुमान से जुड़े विनियोग विधेयक को मंजूरी शामिल है।
आत्मसमर्पित नक्सलियों के विरुद्ध दर्ज प्रकरणों की वापसी प्रक्रिया को मंजूरी
राज्य सरकार ने नक्सलवाद उन्मूलन के प्रयासों को मजबूत करने और आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास को गति देने हेतु महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।
कैबिनेट के प्रमुख बिंदु—
- मंत्रिपरिषद ने नक्सलियों के आत्मसमर्पण के बाद दर्ज आपराधिक प्रकरणों के निराकरण/वापसी संबंधी प्रक्रिया को अनुमोदित किया।
- इस उद्देश्य से मंत्रिपरिषद उप समिति का गठन होगा, जो समीक्षा कर मामलों को मंत्रिपरिषद के समक्ष प्रस्तुत करेगी।
- यह निर्णय छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण/पीड़ित राहत पुनर्वास नीति-2025 के अनुरूप है।
- जिला स्तर पर भी समिति गठित होगी, जो प्रकरणों की जांच कर पुलिस मुख्यालय को रिपोर्ट भेजेगी।
- पुलिस मुख्यालय की अनुशंसा और विधि विभाग की राय के बाद मामले कैबिनेट उप समिति को भेजे जाएंगे।
- केंद्र से संबंधित प्रकरणों के लिए भारत सरकार से अनुमोदन लिया जाएगा।
- अन्य प्रकरणों को न्यायालय में लोक अभियोजन अधिकारी के माध्यम से वापस लेने की कार्रवाई की जाएगी।
- यह कदम राज्य के नक्सल प्रभावित इलाकों में विश्वास निर्माण और मुख्यधारा में वापसी को तेज करेगा।
14 अधिनियमों में संशोधन के लिए ‘छत्तीसगढ़ जन विश्वास विधेयक, 2025’ को मंजूरी
राज्य सरकार ने कानूनों को समयानुकूल बनाने और नागरिकों-व्यापार जगत को राहत देने के उद्देश्य से एक बड़े सुधार को मंजूरी दी है।
विधेयक की प्रमुख बातें—
11 विभागों के 14 अधिनियमों के 116 प्रावधानों में संशोधन प्रस्तावित।
छोटे उल्लंघनों के लिए प्रशासकीय दंड का प्रावधान, जिससे मुकदमों का त्वरित निपटारा होगा।
न्यायालयों पर बोझ कम होगा और आम नागरिकों को तेजी से राहत मिलेगी।
कई पुराने कानूनों में वर्षों से दंड अद्यतन नहीं थे, जिससे कार्यवाही प्रभावित होती थी—नए संशोधनों से यह कमी दूर होगी।
इससे पहले 8 अधिनियमों में 163 प्रावधान संशोधित कर जन विश्वास अधिनियम-2025 अधिसूचित किया जा चुका है।
छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जिसने जन विश्वास विधेयक का द्वितीय संस्करण लाया है।
यह सुधार ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ईज ऑफ लिविंग को नई गति देगा।
प्रथम अनुपूरक अनुमान 2025-26 हेतु छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक को मंजूरी
कैबिनेट बैठक में वर्ष 2025-26 के प्रथम अनुपूरक अनुमान को विधानसभा में प्रस्तुत करने के लिए छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक, 2025 को भी मंजूरी दी गई।
यह राज्य के बजट प्रावधानों को लागू करने और विकास योजनाओं को गति देने के लिए आवश्यक विधिक प्रक्रिया है।
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