
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शनिवार को अपने निवास से राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के अंतर्गत बस्तर संभाग के जिला पंचायतों के प्रतिनिधियों को महाराष्ट्र प्रशिक्षण सह अध्ययन भ्रमण के लिए रवाना किया। उन्होंने सभी पंचायत प्रतिनिधियों को सफल यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं। दो बसों को हरी झंडी दिखाकर दल को रवाना किया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि इस अध्ययन भ्रमण के माध्यम से पंचायत प्रतिनिधियों को अन्य राज्यों की बेस्ट प्रैक्टिसेज की जानकारी प्राप्त होगी। इसका सीधा लाभ छत्तीसगढ़ के ग्रामीण विकास को मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह यात्रा बहुउद्देशीय है, जिसमें सांस्कृतिक आदान-प्रदान, संवाद, विचार-विमर्श, पंचायत प्रतिनिधियों के दायित्वों, नवाचारों तथा ग्रामीण विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों का आदान-प्रदान किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधियों से कहा कि वे छत्तीसगढ़ और विशेष रूप से बस्तर की पहचान के रूप में राज्य के पर्यटन, संस्कृति, जनहितैषी और विकासमूलक योजनाओं, सुशासन व पारदर्शी शासन व्यवस्था के बारे में भी अन्य राज्यों के प्रतिनिधियों से जानकारी साझा करें।इस अवसर पर विधायक लता उसेंडी, विधायक मोतीलाल साहू, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की संचालक प्रियंका महोबिया की उपस्थिति रही।
पंचायत राज व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाने में सहायता मिलेगी: विजय शर्मा
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भी सभी पंचायत प्रतिनिधियों को एक्सपोजर विजिट के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस प्रकार के अध्ययन भ्रमण से राज्य की पंचायत राज व्यवस्था को और अधिक सशक्त, प्रगतिशील और विकासोन्मुख बनाने में सहायता मिलेगी।
प्रथम चरण में 60 पंचायत प्रतिनिधि व नोडल अधिकारी शामिल
बस्तर संभाग के जिला पंचायतों के निर्वाचित प्रतिनिधि महाराष्ट्र राज्य की पंचायत राज व्यवस्था का अध्ययन करने के लिए 18 से 23 जनवरी तक मुंबई जा रहे हैं। प्रथम चरण में कुल 60 पंचायत प्रतिनिधि और नोडल अधिकारी इस प्रशिक्षण सह अध्ययन भ्रमण में शामिल हैं। इस दौरान प्रशिक्षण सत्रों के साथ-साथ महाराष्ट्र की उत्कृष्ट पंचायतों का भी भ्रमण कराया जाएगा। आगामी चरणों में राज्य के सभी संभागों के जिला पंचायत प्रतिनिधियों को क्रमवार इस प्रकार के अध्ययन भ्रमण पर भेजा जाएगा।
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