
रायपुर। छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय सोमवार को जशपुर जिले के कुनकुरी विकासखंड के ग्राम कंडोरा में आयोजित मातृ-पितृ पूजन कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि माता-पिता की सेवा से बढ़कर कुछ भी नहीं है, इसलिए हम सभी को प्रतिदिन अपने माता-पिता का चरण छूकर आशीर्वाद लेना और उन्हें प्रणाम करना चाहिए। उन्हें खुश रखेंगे, तो जीवन सफल होगा। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ में 14 फरवरी को मातृ-पितृ पूजन दिवस के रूप मनाने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि मैं भी आज सीएम हूं, तो अपने माता-पिता के आर्शीवाद से ही हूं। माता-पिता का ही आशीर्वाद है।
मुख्यमंत्री साय ने आयोजकों को मातृ-पितृ पूजन दिवस के रूप में कार्यक्रम आयोजित करने पर बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनके गुरु ने कहा था कि माता-पिता भगवान से बड़े होते हैं। माता जन्म देती है। गर्भ में 9 महीने तक रखने के बाद पालन-पोषण करती है। अगर माता-पिता खुश नहीं हैं, तो सभी पूजा-पाठ सभी व्यर्थ है। वेदों में भी माता-पिता का स्थान सर्वाेच्च है।
भगवान गणेश ने भी तीर्थ जाने से अच्छा अपने माता-पिता (भगवान शिव और माता पारवती) की परिक्रमा करके खुद को प्रथम पूजनीय देवता बनाया था। इसके साथ ही सीएम साय ने भगवान राम और श्रवण की भी कहानी को याद दिलाई। मुख्यमंत्री ने धार्मिक कथाओं का उदाहरण देते हुए माता-पिता के महत्व को रेखांकित किया और सभी बेटे-बेटियों को अपने माता-पिता को खुश रखते हुए उनसे आशीर्वाद लेने और उनका आदर और सम्मान करने की अपील की।
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