
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दो दिवसीय नारायणपुर प्रवास के दौरान शुक्रवार को ‘गढ़बेंगाल घोटुल‘ पहुंचे। वह लोक-रंग में रंगे नजर आए और बस्तर की गौरवशाली परंपराओं व लोक संस्कृति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की। उन्होंने कहा कि गढ़बेंगाल का घोटुल हमारी गौरवशाली विरासत को सहेजने का प्रतीक है।
इस मौके पर पारंपरिक वाद्ययंत्रों की मधुर ध्वनि और ग्रामीणों के स्वागत के बीच मुख्यमंत्री विष्णु देव ने घोटुल की अनूठी स्थापत्य कला का अवलोकन किया। उन्होंने बस्तर की विभूतियों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि घोटुल प्राचीन काल से ही आदिवासी समाज के लिए शैक्षणिक और संस्कार का केंद्र रहा है। चेंद्रु पार्क के समीप स्थित यह आधुनिक घोटुल न केवल नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ेगा, बल्कि देश-दुनिया के पर्यटकों को भी आदिवासी जीवनशैली और सामाजिक व्यवस्था से परिचित कराने का सशक्त माध्यम बनेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गढ़बेंगाल का यह घोटुल हमारी गौरवशाली विरासत को सहेजने का प्रतीक है। हमारी सरकार बस्तर की इस अनूठी संस्कृति, परंपरा और ज्ञान को संरक्षित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री ने घोटुल परिसर के लेय्योर और लेयोस्क कुरमा: युवाओं और युवतियों के लिए निर्मित कक्षों के साथ ही बिडार कुरमा: पारंपरिक वेशभूषा, प्राचीन वाद्ययंत्र व सांस्कृतिक सामग्रियों का संग्रह का निरीक्षण किया।

बस्तर के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लिया
ग्रामीणों की आग्रह पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सगा कुरमा में बस्तर के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लेकर क्षेत्र की खान-पान संस्कृति का सम्मान किया। इस दौरान मुख्यमंत्री के भोजन में विशेष रूप से भोजन गाटो-भात, कोदो-भात, उड़िद दार, हिरुवा दार, जीरा भाजी, कनकी पेज, भाजी घिरोल फुल, चाटी भाजी, कांदा भाजी, मुनगा भाजी, इमली आमट, मड़िया पेज, टमाटर चटनी, चिला रोटी, रागी कुरमा, रागी केक, रागी लट्टू, रागी जलेबी परोसा गया।
पारंपरिक व्यंजनों का इन्होंने भी लिया स्वाद
वन मंत्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष रूपसाय सलाम, जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, पद्मश्री पंडीराम मंडावी, लोक कलाकार बुटलू राम, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि संध्या पवार ने साथ बैठकर छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लिया।
बस्तर की इन विभूतियों का किया सम्मान
मुख्यमंत्री ने बस्तर की विभूतियों- वैद्यराज पद्मश्री हेमचंद मांझी, पद्मश्री पंडीराम मंडावी और सुप्रसिद्ध लोक कलाकार बुटलू राम से भेंट कर उनका सम्मान किया। उन्होंने टाइगर ब्वॉय चेंदरू के परिवारजनों से भी मुलाकात की।
पाठकों की राय (0)
इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

