
डेस्क रिपोर्टर
Sandeep Sinhaरिपोर्ट - विजय पचौरी
जगदलपुर । बस्तर संभाग में नक्सल विरोधी अभियान के लिहाज से वर्ष 2025 एक ऐतिहासिक और निर्णायक वर्ष बनकर सामने आया है। बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पी ने शनिवार को संभाग के सातों जिलों के वर्षभर के आंकड़े जारी करते हुए बताया कि सुरक्षा बलों द्वारा चलाए गए संगठित और रणनीतिक अभियानों से नक्सली गतिविधियों को भारी नुकसान पहुंचा है। आईजी सुंदरराज पी के अनुसार वर्ष 2025 में बस्तर संभाग में कुल 100 नक्सली मुठभेड़ हुईं, जिनमें सुरक्षा बलों ने 256 माओवादियों को मार गिराया, जबकि 898 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान नक्सलियों से 677 हथियार भी बरामद किए गए, जो नक्सली नेटवर्क के कमजोर पड़ने का स्पष्ट प्रमाण है।
उन्होंने बताया कि “पूना मारगेम” अभियान बस्तर में शांति स्थापना का मजबूत आधार बनकर उभरा है। इस अभियान से प्रभावित होकर अब तक 1573 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। विशेष रूप से 17 अक्टूबर 2025 का दिन ऐतिहासिक रहा, जब संभाग मुख्यालय जगदलपुर में 210 माओवादियों ने एक साथ रिकॉर्ड सशस्त्र आत्मसमर्पण किया।
आईजी सुंदरराज पी ने कहा कि आत्मसमर्पित नक्सलियों को वित्तीय सहायता, व्यावसायिक प्रशिक्षण और आजीविका के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि वे समाज की मुख्यधारा में सम्मानजनक जीवन जी सकें। उन्होंने बताया कि पूना मारगेम अभियान के तहत कई शीर्ष माओवादी कैडरों ने भी आत्मसमर्पण किया है, जिससे नक्सल संगठन को बड़ा झटका लगा है। कुल मिलाकर वर्ष 2025 बस्तर के लिए नक्सलवाद से मुक्ति की दिशा में एक मजबूत और निर्णायक कदम साबित हुआ है, जहां सुरक्षा बलों की सफलता के साथ-साथ शांति और पुनर्वास की नई तस्वीर उभरकर सामने आई है।
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