
डेस्क रिपोर्टर
Sandeep Sinhaरिपोर्ट - प्रशांत द्विवेदी
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के चौथे दिन की शुरुआत हंगामे और तीखी नोक-झोंक के साथ हुई। प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायकों के सीने पर लगाए गए पोस्टरों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए, जिसके चलते सदन की कार्यवाही बाधित रही। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस विधायक “सत्यमेव जयते” लिखे पोस्टर लगाकर सदन में पहुंचे। इस पर भाजपा विधायकों ने कड़ी आपत्ति जताई। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या पूर्व में कभी ऐसी परंपरा रही है कि विधायक इस तरह पोस्टर लगाकर सदन में आए हों। वहीं भाजपा विधायक धर्मजीत सिंह ने टिप्पणी करते हुए कहा कि कांग्रेस के दो नेता बिना पोस्टर के हैं और बाकी विधायकों को मजदूर समझकर पोस्टर लगवाकर लाया गया है। इस टिप्पणी पर कांग्रेस विधायकों ने तीखी आपत्ति जताई और इसे जनप्रतिनिधियों का अपमान बताया।
हंगामे के बीच आसंदी ने हस्तक्षेप करते हुए व्यवस्था का हवाला दिया और सभी सदस्यों से सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील की। आसंदी ने कहा कि सदन के सभी सदस्य वरिष्ठ हैं और सहयोग की अपेक्षा रखते हुए निर्देश दिया कि जिन विधायकों ने बैनर या पोस्टर लगाए हैं, वे उन्हें बाहर निकालकर प्रश्नकाल में शामिल हों।
इस दौरान कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव द्वारा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए जाने पर अजय चंद्राकर ने कहा कि व्यवस्था पर प्रश्न नहीं उठाया जा सकता। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत के हस्तक्षेप पर भी चंद्राकर ने स्पष्ट किया कि प्रश्नकाल के दौरान भाषण की अनुमति नहीं होती। इस बात को लेकर पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस और नोक-झोंक देखने को मिली।
सदन में बढ़ते शोर-शराबे और गतिरोध को देखते हुए आसंदी ने स्थिति को संभालते हुए कार्यवाही को पांच मिनट के लिए स्थगित कर दिया। शीतकालीन सत्र के चौथे दिन की शुरुआत इस तरह हंगामेदार रही, जिससे प्रश्नकाल सुचारु रूप से नहीं चल सका।
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