
रायपुर। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने शुक्रवार को स्वास्थ्य भवन में कहा कि दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण इलाज पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और सिविल सर्जन की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में बाहर की दवाएं लिखने वाले चिकित्सकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य मंत्री ने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूत करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बीते दो वर्षों में स्वास्थ्य क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, पर सरकार की प्राथमिकता अब भी यह सुनिश्चित करना है कि दूरस्थ, वनांचल और जनजातीय क्षेत्रों में रहने वाले अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचें। दुर्गम क्षेत्रों में 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से निरंतर सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को इन यूनिटों की नियमित समीक्षा करने और लाभार्थियों से फीडबैक लेना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अधिकारियों को जनजातीय क्षेत्रों पर विशेष फोकस करते हुए प्रत्येक माह आवश्यक समीक्षा बैठक आयोजित करने के निर्देश भी दिए। साथ ही आपातकालीन सेवाओं- 102 महतारी एक्सप्रेस, 108 संजीवनी एक्सप्रेस और 1099 से संबंधित शिकायतों का तत्काल निराकरण सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना सरकार का दायित्व है और इसके लिए सभी स्तरों पर मिशन मोड में कार्य किया जाना चाहिए।
सभी जिला अस्पतालों में अनिवार्य रूप से ब्लड बैंक की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश
बैठक में स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश के शासकीय अस्पताल किसी भी दृष्टि से निजी अस्पतालों से कमतर नहीं हैं। जिला अस्पतालों में बेहतर उपचार सुविधाओं के साथ-साथ उच्च स्तरीय स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। शासकीय अस्पतालों की छवि को और अधिक सशक्त बनाने को सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी बताते हुए उन्होंने सभी जिला अस्पतालों में अनिवार्य रूप से ब्लड बैंक की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
स्वास्थ्य मंत्री की ओर से बैठक में दिए गए निर्देश
. प्रदेश के 5,000 से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप-स्वास्थ्य केंद्रों को पूरी तरह क्रियाशील करने, पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध कराने और अधोसंरचना सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से पूरे करने के निर्देश दिए।
. अस्पतालों में लैब टेक्नीशियन की उपलब्धता व जांचों की गुणवत्ता और सटीकता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
. नए जिलों के मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारियों और सिविल सर्जनों को भर्ती से संबंधित विज्ञापन एक सप्ताह के भीतर जारी करने के निर्देश दिए।
. प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर डायलिसिस यूनिट स्थापित करने और सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक जन औषधि केंद्रों के विस्तार पर विशेष जोर दिया।
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