
डेस्क रिपोर्टर
Sandeep Sinhaरिपोर्ट - प्रशांत द्विवेदी
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के समग्र विकास को लेकर उच्चस्तरीय बैठक हुई जिसमें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि रायपुर को आधुनिक, सुव्यवस्थित और नागरिक-अनुकूल बनाने के लिए किसी भी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी। शहर के विकास के लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक योजनाओं को प्राथमिकता दी जा रही है।
शहरी चुनौतियों से निपटने की रणनीति
बढ़ते शहरीकरण के चलते राजधानी में यातायात, आवास, पेयजल और सार्वजनिक सेवाओं पर दबाव बढ़ रहा है। इसे देखते हुए ठोस और व्यावहारिक योजनाओं को लागू करने की जरूरत है, ताकि आने वाले दशकों की जरूरतें भी पूरी हो सकें।
इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास कार्य
नगर निगम, रेलवे और लोक निर्माण विभाग को बेहतर समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए। शहर की ड्रेनेज व्यवस्था, चौक-चौराहों पर अतिक्रमण, व्यवसायिक परिसरों में खाली दुकानों का पुनर्विक्रय, स्वास्थ्य सुविधाओं और मेकाहारा मेडिकल कॉलेज के उन्नयन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
बुनियादी सुविधाओं की समीक्षा
सफाई व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, जल शोधन संयंत्र, सीवरेज नेटवर्क, खेल मैदानों के संरक्षण और झुग्गी-झोपड़ी पुनर्विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
भविष्य की तैयारियां
मुख्यमंत्री ने अंडरग्राउंड बिजली लाइन, नए सड़क मार्ग, फ्लाईओवर, सार्वजनिक भवनों और स्टेडियम निर्माण जैसे प्रस्तावों पर भी जल्द कार्रवाई करने के निर्देश दिए। सभी संबंधित प्रस्ताव मुख्य सचिव कार्यालय को शीघ्र भेजे जाएंगे।
बैठक में मौजूद प्रमुख अधिकारी
उच्चस्तरीय बैठक में उपमुख्यमंत्री अरुण साव, वन मंत्री केदार कश्यप, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, कौशल उन्नयन मंत्री खुशवंत साहेब, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, महापौर मीनल चौबे सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
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