
डेस्क रिपोर्टर
News World Deskखजुराहो/रायपुर, न्यूज़ वर्ल्ड डेस्क। राष्ट्रपति महात्मा गांधी के लिए अपशब्द उपयोग करने वाले कालीचरण महाराज को रायपुर पुलिस ने आज सुबह (30 दिसंबर) को सुबह 4:00 बजे के करीब मध्य प्रदेश के खजुराहो से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस को सूचना मिली थी कि कालीचरण खजुराहो एक होटल में छुपे हुए है, जिसके बाद दबिश देकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस उन्हें रायपुर लेकर रवाना हो गई है।
8 बजे रायपुर पहुंचेगी टीम
रायपुर के CSP प्रशांत अग्रवाल ने बताया कि पुलिस महाराज को मध्य प्रदेश के खजुराहो से गिरफ्तार कर लिया और उन्हें वहां से लेकर रायपुर के लिए रवाना हो गई। उन्होंने बताया कि रात 8 बजे तक पुलिस की टीम उन्हें लेकर रायपुर पहुंच जाएगी।
सीएम भूपेश ने कहा था जल्द गिरफ्तार करेंगे
बतादें कालीचरण महाराज के खिलाफ टिकरापारा थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कह चुके थे कि राष्ट्रपति महात्मा गांधी के खिलाफ भड़काऊ भाषण देंने वाले कालीचरण महाराज को जल्द गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह था मामला
दरअसल रायपुर की धर्म संसद में जब महंत कालीचरण अपना वक्तव्य दे रहे थे उसी दौरान उन्होंने कहा था कि महात्मा गांधी ने वंशवाद को बढ़ावा दिया है। इस दौरान उन्होंने महात्मा गांधी पर सुखदेव, राजगुरु, भगत सिंह की फांसी ना रुकवाने का भी आरोप लगाया था। रायपुर का वीडियो वायरल हुआ तो उसमें महंत कालिचरण कहते हुए दिखाई दे रहा हैं कि कोई राष्ट्र का पिता नहीं हो सकता राष्ट्रपिता बनाना है तो महाराणा प्रताप, शिवाजी, वलभ भाई पटेल को बनाया जाए। इन लोगों ने राष्ट्र के लिए काम किया है। गांधी ने तो सिर्फ बंटवारा किया है। उन्होंने कहा था, 1947 में हमने अपनी आंखों से देखा कि कैसे पाकिस्तान और बांग्लादेश पर कब्जा किया गया। मोहनदास करमचंद गांधी ने उस वक्त देश का सत्यानाश किया। नमस्कार है नाथूराम गोडसे को, जिन्होंने उन्हें मार दिया। उनके इस बयान के बाद उन पर एफआईआर दर्ज कर ली गई थी, लेकिन वो फरार हो चुके थे।
फरार होने के बाद जारी किया था वीडियो
अपनी फरारी के दौरान कालीचरण ने सोमवार को 8 मिनट 51 सेकंड का वीडियो भी जारी किया, जिसमें वह अपनी बात पर अडिग दिखाई दे रहे हैं। अपने इस वीडियो में कालीचरण ने कहा कि गांधी को अपशब्द कहने पर मुझ पर एफआईआर दर्ज हुई इसका मुझे कोई अफसोस नहीं है, मैं गांधी से नफरत करता हूं और गोडसे को कोटि-कोटि नमस्कार करता हूं, उनके चरणों में साष्टांग प्रणाम करता हूं। उन्होंने वीडियो में कहा था, यदि मुझे सच बोलने के लिए मृत्युदंड की सजा भी दी जाती है तो मैं मौत स्वीकार कर लूंगा। छत्रपति शिवाजी महाराज का उदाहरण देते हुए कालीचरण ने कहा कि जब वह धर्म के लिए अपने प्राणों को निछावर कर सकते हैं तो मुझ जैसे तुच्छ जंतु जी कर क्या करेंगे।
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