
रायपुर। जगदलपुर में आयोजित बस्तर ओलंपिक के समापन समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि हमारा संकल्प पूरे बस्तर और भारत भूमि को नक्सल मुक्त करना है। हमारी यात्रा यहीं नहीं रुकेगी। बस्तर संभाग के सातों जिले- कांकेर, कोंडागांव, बस्तर, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर और दंतेवाड़ा को 2030 दिसंबर तक देश के सबसे विकसित आदिवासी जिले बनेंगे। यह हमारा दृढ़ है। इन जिलों के घर-घर योजनाओं का लाभ पहुंचाया जाएगा।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मां दंतेश्वरी से प्रार्थना है कि पूरा छत्तीसगढ़ नक्सलवाद से मुक्त होकर और खुशहाल होकर आदिवासी भाइयों- बहनों के कल्याण की यात्रा उनके आशीर्वाद से पूरी हो। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के समापन पर के कगार पर खड़े हैं। 2000 से ज्यादा नक्सली युवाओं ने सरेंडर किया है। इसमें आदिवासी समाज के प्रमुख नेताओं ने बहुत बड़ा योगदान दिया है। उन्होंने समाज के लोगों से यह अपील भी की जो अभी समाज की मुख्य धारा चित रह गए हैं, उन्हें हथियार छोड़ने के लिए प्रेरित करें।
कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा ने भी विचार व्यक्त किया। मंच पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव के अलावा अन्य मंत्री उपस्थित रहे।
शाह ने कहा वह बस्तर ओलंपिक में 2024 और 25 में आए, 26 में भी आएंगे
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने यह स्पष्ट किया कि वह 2024 में बस्तर ओलंपिक की शुरुआत में आए थे। आप 25 में आए हैं और आगे 2026 में भी आएंगे। जब अगले साल वह आएंगे तो पूरा देश और छत्तीसगढ़ से लाल आतंक से मुक्त हो जाएगा। नक्सली मुक्त बस्तर आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि अगले 5 साल में हम बस्तर को देश का सबसे विकसित आदिवासी संभाग बनाने का निर्णय करते हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार और प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत सरकार कंधे से कंधा मिलाकर बस्तर को विकसित बस्तर बढ़ाने के लिए आगे बढ़ेंगे।
बस्तर के हर व्यक्ति के घर में उपलब्ध होगी सुविधाएं
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि बस्तर संभाग के हर व्यक्ति के घर में सुविधाएं होगी। हर गांव में बिजली होगी। 5 किलोमीटर की परिधि में बैंकिंग सुविधा होगी। सीएचसी और पीएचसी का जाल बनाने का काम सरकार करेगी। वन उपज के प्रोसेसिंग के लिए यूनिट लगाए जाएंगे। सबसे ज्यादा दूध उत्पादन का लक्ष्य यहां से रखा गया। बस्तर के अंदर नई इंडस्ट्री, उच्च शिक्षा की व्यवस्थाएं, सबसे अच्छी स्पोर्ट संकुल और अस्पताल की व्यवस्था करेंगे। आत्मसमर्पित नक्सलियों को और नक्सलवाद से पीड़ितों के लिए अति सुंदर पुनर्वास की सुविधा लेकर आएंगे।
नक्सलवाद समापन के बाद विकास की एक नई शुरुआत होगी
अमित शाह ने कहा कि नक्सलवादी क्षेत्र के विकास के बाधक हैं। नक्सलवाद समापन के बाद विकास की एक नई शुरुआत होगी। बस्तर सबसे विकसित क्षेत्र बनेगा यह ऐसा उनका पूरा विश्वास है। इसके लिए वह दिन रात परिश्रम करेंगे। हथियार उठाने से किसी का भला नहीं हुआ है। शांति ही विकास का रास्ता प्रशस्त कर सकती है।

जहां गोलियों की आवाज सुनाई देती थी, आज वहां बज रही स्कूल की घंटी: विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर ओलंपिक का पिछले साल भी समापन केंद्रीय गृह मंत्री ने किया था और इस बार भी कर रहे हैं, यह सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि बस्तर का क्षेत्र स्वर्ग है। नक्सलवाद यहां के विकास में बहुत बड़ा बाधक था, लोग सोचते थे कि इसका कभी अंत होगा या नहीं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सलवाद ने नक्सलवाद के समापन की तिथि 31 मार्च 2026 निर्धारित की। उनकी दृष्टि शक्ति की वजह से ही हमारे जवान नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं। जवानों का साहस नमन योग्य है। बस्तर की तस्वीर बदल चुकी है, जहां गोलियों की आवाज सुनाई देती थी आज वहां स्कूलों की घंटी बज रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर ओलंपिक में इस बार 3.91 लाख खिलाड़ियों की प्रतिभागिता रही। इसमें 2 लाख से अधिक बेटियां शामिल हुईं। 700 से ज्यादा आत्म समर्पित खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया।
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