
डेस्क रिपोर्टर
Sandeep Sinhaरिपोर्ट - मनोज श्रीवास्तव
मनेंद्रगढ़। एमसीबी जिले के इतिहास में आज एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया। खड़गवां में कृषि शिक्षा और अनुसंधान को सशक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल करते हुए कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र के नवीन भवन का भव्य भूमिपूजन किया गया। लगभग 9 करोड़ 46 लाख रुपये की लागत से बनने वाला यह भवन क्षेत्र के किसानों, युवाओं और कृषि अनुसंधान के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के आदिम जाति विकास, कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री रामविचार नेताम मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री एवं स्थानीय विधायक श्याम बिहारी जायसवाल ने की। वैदिक मंत्रोच्चार और विधिवत पूजा-अर्चना के साथ जनप्रतिनिधियों ने नवीन भवन का भूमिपूजन किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में किसान, छात्र, अधिकारी-कर्मचारी और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
प्रभारी मंत्री रामविचार नेताम ने अपने संबोधन में कहा कि कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र खड़गवां की स्थापना क्षेत्र के लिए दूरदर्शी और ऐतिहासिक निर्णय है। इससे किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण मिलेगा और युवाओं को अपने ही क्षेत्र में उच्च कृषि शिक्षा का अवसर प्राप्त होगा। उन्होंने बताया कि जिले की लगभग 80 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है और यह महाविद्यालय किसानों को दो एवं तीन फसलों की ओर प्रेरित करते हुए मिश्रित और बहु-आय आधारित कृषि मॉडल को बढ़ावा देगा।
इस अवसर पर प्रभारी मंत्री ने क्षेत्र में नवीन पशु औषधालय भवन, कृषि महाविद्यालय में छात्रावास एवं आवश्यक अधोसंरचना विकसित करने की भी घोषणा की। कार्यक्रम ने न केवल कृषि शिक्षा के विस्तार का मार्ग प्रशस्त किया, बल्कि एमसीबी जिले को कृषि नवाचार और अनुसंधान के नए केंद्र के रूप में स्थापित करने की मजबूत नींव भी रखी।
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