
रिपोर्ट: मनमोहन नेताम
रायपुर। नक्सल के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में जवानों के हाथ बड़ी सफलता लगी है। कुख्यात माओवादी कमांडर मदवी हिड़मा और उसकी पत्नी राजे मुठभेड़ को मार गिराया गया है। मदवी हिड़मा पर एक करोड़ रुपए का इनाम था। यह नक्सलियों का सबसे बड़ा लीडर था।
आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बॉर्डर पर नक्सलियों के साथ जवानों की मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ में अभी तक 6 नक्सलियों को मारे जाने की सूचना है। हिड़मा पूर्वती का रहने वाला था। वह कम से कम 26 घातक हमलों के लिए ज़िम्मेदार था। जिनमें 2013 दरभा घाटी नरसंहार और 2017 सुकमा हमले शामिल हैं। लंबे समय से सुरक्षा बलों की निगरानी में था। अभी कुछ दिन पहले ही उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा हिड़मा के गांव पूर्वती पहुंचे थे और उसकी मां के साथ भोजन किया था। साथ ही उन्हें समझाया था कि वह हिड़मा को सरेंडर करने के लिए कहें।
- हिड़मा का जन्म 1981, पूर्वती, सुकमा (छत्तीसगढ़) में हुआ।
- पीएलजीए बटालियन नंबर 1 का प्रमुख था, जो माओवादियों की सबसे घातक हमलावर इकाई है।
- वह माओवादी की सेंट्रल कमेटी का सबसे युवा सदस्य था।
- वह बस्तर क्षेत्र से सेंट्रल कमेटी में शामिल होने वाला एकमात्र आदिवासी था।
- हिड़मा का असली नाम संतोष था।
इन मुख्य हमलों में शामिल था:
2010 दंतेवाड़ा हमला: 76 सीआरपीएफ जवान शहीद
2013 झीरम घाटी नरसंहार: 27 लोग मारे गए, जिनमें शीर्ष कांग्रेसी नेता शामिल
2021 सुकमा-बीजापुर मुठभेड़: 22 सुरक्षा कर्मी शहीद
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