
छत्तीसगढ़ और झारखंड के लिए आज का दिन खास रहने वाला है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज हवाई मार्ग से छत्तीसगढ़ के जशपुर पहुंचेंगी और इसके बाद सड़क मार्ग से झारखंड के गुमला रवाना होंगी। वहां वे अंतरराज्यीय जन संस्कृति समागम ‘कार्तिक जतरा’ में शामिल होंगी। इस कार्यक्रम को आदिवासी परंपराओं और जनसंस्कृति का बड़ा उत्सव माना जाता है। राष्ट्रपति के इस दौरे से न सिर्फ स्थानीय लोगों में उत्साह है, बल्कि पूरे क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने की उम्मीद भी जताई जा रही है।
‘कार्तिक जतरा’ में राष्ट्रपति की मौजूदगी से बढ़ेगा आयोजन का महत्व
गुमला में आयोजित होने वाला अंतरराज्यीय जन संस्कृति समागम ‘कार्तिक जतरा’ झारखंड-छत्तीसगढ़ सीमा क्षेत्र का बेहद अहम सांस्कृतिक आयोजन है। इसमें आदिवासी समाज की परंपराएं, लोकनृत्य, संगीत और जीवनशैली को मंच मिलता है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का यहां पहुंचना इस आयोजन के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है।
कार्यक्रम में शामिल होने के बाद राष्ट्रपति गुमला से रांची लौटेंगी और इसके बाद दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगी। माना जा रहा है कि राष्ट्रपति अपने संबोधन में आदिवासी समाज की भूमिका, जनसंस्कृति की ताकत और क्षेत्रीय विकास पर भी बात कर सकती हैं।
जशपुर में रहेगा विशेष प्रशासनिक इंतजाम
राष्ट्रपति के दौरे को लेकर जशपुर जिले में सुरक्षा और प्रशासनिक स्तर पर विशेष तैयारी की गई है। हवाई अड्डे से लेकर सड़क मार्ग और कार्यक्रम स्थल तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। स्थानीय प्रशासन ने राष्ट्रपति की सड़क यात्रा को देखते हुए ट्रैफिक व्यवस्था भी बदली है ताकि आम लोगों को ज्यादा परेशानी न हो।
राष्ट्रपति का यह दौरा इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि वे आदिवासी पृष्ठभूमि से आने वाली देश की पहली राष्ट्रपति हैं। ऐसे में आदिवासी बहुल जशपुर और गुमला जिलों के लोगों में उनके आगमन को लेकर अलग ही गर्व और खुशी देखने को मिल रही है।
CM विष्णु देव साय भी रहेंगे कार्तिक जतरा में मौजूद
इस सांस्कृतिक समागम में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी शामिल होंगे। उनका कार्यक्रम भी काफी व्यस्त रहेगा। वे आज सुबह 11 बजे जशपुर से झारखंड के लिए रवाना होंगे। सुबह करीब 11.20 बजे वे स्वर्गीय कार्तिक उरांव की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
इसके बाद सुबह 11.40 बजे वे बगीचा, रायडीह में आयोजित अंतरराज्यीय जनसांस्कृतिक संगम समारोह में पहुंचेंगे। यहां वे राष्ट्रपति के साथ मंच साझा कर सकते हैं और कार्यक्रम को संबोधित भी कर सकते हैं। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री दोपहर 1.20 बजे जशपुर विश्राम गृह लौट आएंगे।
कार्तिक उरांव को श्रद्धांजलि, सामाजिक आंदोलन को मिलेगा नया आयाम
स्वर्गीय कार्तिक उरांव झारखंड के बड़े आदिवासी नेताओं में से एक माने जाते हैं। उनके नाम पर होने वाला यह आयोजन आदिवासी अधिकारों, सामाजिक चेतना और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा उनकी प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित करना इस बात का संकेत है कि छत्तीसगढ़ सरकार आदिवासी समाज से जुड़े महापुरुषों के योगदान को आगे बढ़ाने के लिए गंभीर है। इस मौके पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौजूद रहेंगे। राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री की एक साथ मौजूदगी से यह आयोजन और ज्यादा ऐतिहासिक बनने जा रहा है।
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