
रायपुर। गलत जानकारी देकर छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (रेरा) से छूट लेने के प्रयास के मामले में कड़ी कार्रवाई की गई है। रेरा ने रियल एस्टेट (विनियमन एवं विकास) अधिनियम का उल्लंघन करने पर पंचम कॉलोनी परियोजना के प्रमोटरों पर 10 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है।
ग्राम पेंड्रा, जिला जीपीएम स्थित पंचम कॉलोनी परियोजना के प्रवर्तक पंचम केशरी, मनीष केशरी, रजनी केशरी और निधिश केशरी की ओर से जानबूझकर भ्रामक जानकारी देकर कर रेरा अधिनियम से छूट प्राप्त करने का प्रयास किया गया। जांच में यह तथ्य सामने आया कि संबंधित परियोजना वास्तविक रूप से आवासीय (हाउसिंग) श्रेणी की थी, पर प्रवर्तकों ने इसे गलत रूप से प्लॉटेड परियोजना के रूप में प्रस्तुत किया।
पूर्व में दर्ज प्रकरण में प्रमोटरों ने वर्ष 2016 का सक्षम प्राधिकारी की ओर से जारी पूर्णता प्रमाणपत्र प्रस्तुत कर परियोजना को रेरा पंजीकरण से छूट दिलवाई थी। आबंटिती की ओर से प्राधिकरण में प्रस्तुत शिकायत के आधार पर दर्ज प्रकरण की सुनवाई के दौरान यह पाया गया कि उसी विकास क्षेत्र में प्रवर्तकों ने सक्षम प्राधिकारी से विधिवत भवन अनुज्ञा प्राप्त कर आवासीय इकाइयों का निर्माण कराया और उन्हें भेज भी दिया गया। प्रवर्तकों ने प्राधिकरण को गुमराह कर गलत कथन प्रस्तुत करते हुए अनुचित लाभ प्राप्त किया।
उपभोक्ताओं के विश्वास के साथ किया गया गंभीर छल
सीजी रेरा ने अपने आदेश में स्पष्ट रूप से कहा है कि गलत जानकारी देकर अधिनियम से छूट प्राप्त करना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह उपभोक्ताओं के विश्वास के साथ किया गया गंभीर छल भी है। प्राधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया है कि रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता, सत्य जानकारी का प्रकटीकरण और कानून का पालन अनिवार्य है। अधिनियम से बचने के किसी भी प्रयास पर सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी, ताकि घर खरीदारों के अधिकारों की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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