
डेस्क रिपोर्टर
Sandeep Sinhaरिपोर्ट - विजय पचौरी
सुकमा। सुरक्षाबलों को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। डीआरजी की टीम ने सटीक खुफिया सूचना के आधार पर गोमगुड़ा क्षेत्र के घने जंगलों में चल रही नक्सलियों की ऑर्डिनेंस फैक्ट्री का पर्दाफाश करते हुए उसे ध्वस्त कर दिया। इस फैक्ट्री से नक्सली सुरक्षाबलों को भारी क्षति पहुंचाने की योजना बना रहे थे। सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों ने मौके से 17 चालू स्थिति में रायफलें, रॉकेट लॉन्चर, हथियार निर्माण उपकरण, मशीनें, गन पार्ट्स और भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह फैक्ट्री माओवादियों द्वारा अपने सशस्त्र नेटवर्क को मजबूत करने के उद्देश्य से संचालित की जा रही थी।
सतत् एंटी नक्सल अभियान से माओवादियों पर भारी दबाव
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में सुकमा पुलिस नई रणनीति के तहत लगातार एंटी नक्सल ऑपरेशन चला रही है। इन कार्रवाइयों के परिणामस्वरूप माओवादियों को भारी नुकसान हुआ है। पिछले वर्ष में 545 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, 454 को गिरफ्तार किया गया और 64 माओवादी मारे गए। शेष नक्सलियों पर भी अब दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
पुलिस की अपील — हिंसा छोड़ें, विकास के मार्ग पर लौटें
सुकमा पुलिस ने सभी भटके हुए नक्सलियों और उनके समर्थकों से अपील की है कि वे हिंसा का मार्ग छोड़कर शासन की “पुनर्वास नीति 2025” के तहत मुख्यधारा में लौटें। आत्मसमर्पण करने वालों को पूरी सुरक्षा, सम्मान, रोजगार और आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक सुकमा का बयान
इस कार्रवाई का उद्देश्य केवल नक्सलवाद का उन्मूलन नहीं, बल्कि क्षेत्र में स्थायी शांति और विकास की स्थापना है। जो भी माओवादी हथियार छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, उन्हें शासन की नीति के तहत सम्मानजनक जीवन की गारंटी दी जाएगी।
मुख्य बरामद सामग्री-
BGL रॉकेट लॉन्चर – 01
BGL लॉन्चर – 06
12 बोर राइफल – 06
सिंगल शॉट राइफल – 03
देशी कट्टा – 01
हथियार निर्माण उपकरण, वेल्डिंग मशीन, ड्रिल मशीन, गन पार्ट्स और अन्य भारी सामग्री
इस बड़ी कार्रवाई में सुकमा DRG टीम की विशेष भूमिका रही, जिसने सटीक खुफिया जानकारी और साहसिक कार्रवाई से नक्सलियों की एक बड़ी साजिश को नाकाम किया है।
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