
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में शुक्रवार को मंत्रालय महानदी भवन में कैबिनेट की बैठक हुई। शहीद वीर नारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, नवा रायपुर को दीर्घकालीन संचालन और विकास कार्याें के लिए छत्तीसगढ़ राज्य क्रिकेट संघ को लीज पर देने का निर्णय लिया गया।
इस निर्णय से छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के और अधिक क्रिकेट मैच का आयोजन सुनिश्चित होगा। राज्य के उदीयमान क्रिकेट खिलाड़ियों को उच्च स्तर का प्रशिक्षण और तकनीकी सुविधाएं प्राप्त होगी। बैठक में अन्य कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

- खरीफ और रबी विपणन मौसम में दलहन-तिलहन फसल के उपार्जन हेतु पूर्व वर्ष की भांति ‘‘प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान‘‘ प्राईस सपोर्ट स्कीम के तहत उपार्जन किए जाने का निर्णय लिया गया।
- छत्तीसगढ़ शासन कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन करते हुए सार्वजनिक उपक्रम विभाग को वाणिज्य और उद्योग विभाग में और बीस सूत्रीय कार्यान्वयन विभाग का संविलियन योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग में करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।
- मंत्रिपरिषद ने राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने के उद्देश्य से खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के लिए समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के लिए बैंकों और वित्तीय संस्थाओं को स्वीकृत 15 हजार करोड़ रुपए की शासकीय प्रत्याभूति को खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए पुनर्वेधीकरण करने के साथ ही विपणन संघ को अतिरिक्त शासकीय प्रत्याभूति राशि रुपए 11,200 करोड़ दिए जाने का निर्णय लिया गया।
- मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य प्रवर्तित दीनदयाल आवास योजना, अटल आवास योजना, अटल विहार योजना और नवा रायपुर मुख्यमंत्री आवास योजना के लिए पूर्व में जारी नियम व शर्तों में पात्रता के लिए कुछ प्रावधानों का समावेश कर विक्रय की अनुमति दी गई।
1. ईडब्ल्यूएस व एलआईजी भवनों, फ्लैटों के विक्रय के लिए 03 बार विज्ञापन होने के पश्चात अविक्रित भवनों को, पात्र हितग्राही के अतिरिक्त किसी भी आय वर्ग के हितग्राही को विक्रय किया जा सकता है, ऐसे हितग्राहियों को शासन की ओर से स्वीकृत अनुदान की पात्रता नहीं होगी। अनुदान की पात्रता केवल निर्धारित आय वर्ग के हितग्राही को ही होगी।
2. ईडब्ल्यूएस और एलआईजी भवनों, फ्लैटों के विक्रय के लिए 03 बार विज्ञापन होने के पश्चात अविक्रित भवनों को एकल व्यक्ति या शासकीय/अर्धशासकीय अथवा निजी संस्थाओं की ओर से एक से अधिक संपत्ति क्रय करने का प्रस्ताव दिया जाता है, तो एकल व्यक्ति या शासकीय व अर्धशासकीय अथवा निजी संस्था के नाम पर एक से अधिक भवनों को मांग अनुसार विक्रय किया जा सकेगा, इन्हें शासन की ओर से स्वीकृत अनुदान की पात्रता नहीं होगी। इस निर्णय का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक हितग्राहियों को इसका लाभ मिले।
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