
रिपोर्ट: प्रशांत द्विवेदी
रायपुर। प्रदेश में बस्तर ओलंपिक की तर्ज पर सरगुजा ओलंपिक का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गुरुवार को मंत्रालय महानदी भवन में सरगुजा ओलंपिक के लोगो और शुभंकर का अनावरण किया। शुभंकर को “गजरु” नाम दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब बस्तर की तरह सरगुजा की खेल प्रतिभाओं को भी अपनी क्षमता दिखाने का सशक्त मंच मिलेगा। उन्होंने 12 खेल विधाओं में 3.50 लाख खिलाड़ियों के पंजीयन पर प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि यह संख्या सरगुजा अंचल के युवाओं के उत्साह, ऊर्जा और खेल के प्रति समर्पण को दर्शाती है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर ओलम्पिक में जनभागीदारी ने इसे राष्ट्रीय स्तर पर खास पहचान दिलाई है। अब वही उत्साह सरगुजा ओलंपिक को भी नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। पंजीयन से यह स्पष्ट है कि सरगुजा पूरे मनोयोग और उमंग के साथ इस आयोजन के लिए तैयार है।
विजेता खिलाड़ियों को राज्य की प्रशिक्षण अकादमियों में दिया जाएगा सीधा प्रवेश
उप मुख्यमंत्री और खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने कहा कि इस आयोजन से सरगुजा के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा और कौशल दिखाने का अच्छा मंच मिलेगा। इसके विजेता खिलाड़ियों को राज्य की प्रशिक्षण अकादमियों में सीधे प्रवेश दिया जाएगा। उन्हें यूथ आइकॉन घोषित कर युवाओं व बच्चों को खेलों से जुड़ने और खेलने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
विकासखंड से लेकर संभाग स्तर पर होंगी खेलकूद प्रतियोगिताएं
सरगुजा ओलंपिक के लिए 28 दिसंबर 2025 से 25 जनवरी 2026 तक पंजीयन किया गया है। जिसमें 06 जिलों से लगभग 03 लाख 50 हजार लोगों ने पंजीयन कराया है। इसमें 1 लाख 59 हजार पुरुष और 01 लाख 89 हजार महिलाओं ने आयोजन में अपना पंजीयन कराया है। कबड्डी, खो-खो, तीरंदाजी, फुटबॉल, वॉलीबॉल, हॉकी, कुश्ती, रस्साकसी समेत 12 विधाओं में विकासखंड, जिला और संभाग स्तरीय प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।
समारोह में इनकी रही मौजूदगी
समारोह में मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव राहुल भगत, सचिव खेल यशवंत कुमार, संचालक खेल तनुजा सलाम सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।
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