
रायपुर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को बस्तर की धरती से नक्सलियों को स्पष्ट संदेश दिया कि जो आईईडी लगाएंगे, वह बख्शे नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा कि अभी भी जो बचे-खुचे नक्सली हैं, वह हथियार डाल दें। सरकार उनकी सभी प्रकार से चिंता करेगी। यह आश्वस्त भी किया कि 2500 से ज्यादा जिन लोगों ने सरेंडर किया है उन पर कोई आंच नहीं आने वाली है।
जगदलपुर में आयोजित बस्तर पंडुम के समापन समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने बस्तर की संस्कृति को नए प्राण देने का काम किया है। जो बस्तर पहले लाल आतंक से सहमा हुआ था, आज वहीं 55 हजार लोगों ने संस्कृति को पुनर्जीवित करने का काम किया है। 7 जिले, 1885 ग्राम पंचायत और 32 जनपद मुख्यालय से 12 विधाओं में लोगों ने बस्तर पंडुम में प्रतिभागिता की। उन्होंने कहा कि 5 साल में बस्तर सबसे विकसित संभाग बन जाएगा।
समारोह में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, मंत्री केदार कश्यप, संस्कृति एवं धर्मस्य विभाग के मंत्री राजेश अग्रवाल और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव, सांसद महेश कश्यप ने भी विचार व्यक्त किए।
बस्तर पंडुम के विजेता राष्ट्रपति भवन में करेंगे अपनी संस्कृति का प्रदर्शन
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि बस्तर की संस्कृति, कला, गान पूरे भारत की संस्कृति का आभूषण है। प्रभु श्रीराम के समय से यहां के लोगों ने अपनी संस्कृति को संजोकर रखा है। उन्होंने कहा कि बस्तर पंडुम के 12 विधाओं के प्रथम तीन विजेता राष्ट्रपति के साथ भोजन करेंगे। अपनी संस्कृति का प्रदर्शन करेंगे, जिसे देश और दुनिया देखेगी। यही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी लक्ष्य है।
बस्तर की पहचान बारूद नहीं हो सकती
केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि बस्तर की पहचान बारूद नहीं हो सकती। यहां की पहचान संस्कृति और विरासत हो सकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनजातीय नायकों और 700 से अधिक जनजातियों को सम्मानित करने का काम किया है और ट्राइबल म्यूजियम का निर्माण कराया है। उन्होंने कहा कि मावोवाद ने किसी का भला नहीं किया है। इसने तबाही फैलाने का ही काम किया है।
नक्सलवाद आज अंतिम सांस ले रहा है: विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ और बस्तर की बहुत चिंता की है। लाल आतंक के कारण यहां के लोगों को बुनियादी सुविधा नहीं मिलती थी, अब पूरे क्षेत्र में शांति बहाल हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर पंडुम बस्तर की अस्मिता और संस्कृति का प्रतीक है। पहले लगता था कि यहां के नक्सलवाद का समाधान होगा कि नहीं, पर डबल इंजन की सरकार में जवान मजबूती से नक्सलवाद से लड़ रहे हैं। उन्हें सफलता भी मिल रही है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संकल्प लिया है 31 मार्च 2026 तक पूरे देश से नक्सलवाद को समाप्त करना है। नक्सलवाद आज अंतिम सांस ले रहा है, उनका संकल्प अवश्य पूरा होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की योजनाओं से गांव आबाद हो रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्री के संकल्प की वजह से बस्तर का कायाकल्प हो रहा है
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