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‘तेल कम, नमक कम, चीनी कम’ — केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने बताया स्वस्थ भारत का सरल मंत्र
30 जून, 2025 0 व्यूज 4 मिनट पढ़ाई
‘तेल कम, नमक कम, चीनी कम’ — केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने बताया स्वस्थ भारत का सरल मंत्र

‘तेल कम, नमक कम, चीनी कम’ — केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने बताया स्वस्थ भारत का सरल मंत्र

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

नई दिल्ली। स्वस्थ जीवनशैली अब केवल व्यक्तिगत पसंद नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की बुनियाद बन चुकी है। गुरुवार को राजधानी भोपाल में एक निजी संवाद कार्यक्रम में पहुंचीं केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने मोटापे की बढ़ती समस्या पर चिंता जताई और एक सरल मंत्र दिया— "तेल कम, चीनी कम, नमक कम"।

उन्होंने मंच से कहा, "अगर हमें 2047 तक एक विकसित भारत बनाना है तो अभी से अपने शरीर और स्वास्थ्य को लेकर गंभीर होना पड़ेगा। स्वस्थ भारत ही समृद्ध और शक्तिशाली भारत की नींव है।"


भारत में तेजी से बढ़ रहा मोटापा, 2050 तक हालात बिगड़ सकते हैं

मंत्री ने बताया कि देश में 24% महिलाएं और 23% पुरुष वर्तमान में मोटापे का शिकार हैं। अगर स्थिति नहीं सुधरी, तो अनुमान है कि 2050 तक यह आंकड़ा 44 करोड़ तक पहुंच सकता है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ आंकड़ा नहीं, बल्कि राष्ट्रीय संकट की आहट है। हमें मिलकर इस लड़ाई को लड़ना होगा और खानपान की आदतों को तुरंत सुधारना होगा।


मध्य प्रदेश की जनता से सीधी अपील

अनुप्रिया पटेल ने कहा, "मैं मध्य प्रदेश की जनता से आग्रह करती हूं कि इस लड़ाई में साथ दें। अपने आहार को संतुलित करें, तेल कम, चीनी कम और नमक कम करें। इसी से हम मोटापे को हराएंगे और देश को स्वस्थ बनाएंगे।"

कार्यक्रम में अपना दल (एस) मध्य प्रदेश इकाई के कार्यकर्ता और नेता बड़ी संख्या में शामिल हुए। प्रमुख उपस्थितियों में रहे:

➡️ राष्ट्रीय महासचिव आर बी सिंह पटेल

➡️ युवा मंच के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. अखिलेश पटेल

➡️ राजनीतिक रणनीतिकार डॉ. अतुल मलिकराम

➡️ वरिष्ठ नेता अर्जुन सिंह पटेल, देवेंद्र प्रताप सिंह

➡️ प्रदेश कार्यालय सचिव रोहित चंदेल आदि।


2047 के विकसित भारत के लिए अब से तैयारी

मंत्री ने कार्यक्रम के दौरान स्पष्ट किया कि देश 2047 में जब आजादी के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब वह सिर्फ आर्थिक या सैन्य रूप से नहीं, स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी पूरी तरह विकसित होना चाहिए।


उन्होंने कहा, "अगर उस समय हम ऐसा भारत चाहते हैं, जिसमें हर गांव और पिछड़े इलाके में भी विशेषज्ञ डॉक्टर हों, तो हमें अभी से काम करना होगा। इसी सोच के साथ केंद्र सरकार ने तैयारी शुरू कर दी है।"

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