
नई दिल्ली। पाकिस्तान पर की गई भारत की बड़ी सैन्य कार्रवाई ‘ऑपरेशन सिंदूर’ अब संसद के भीतर सबसे बड़ा सियासी मुद्दा बनने जा रहा है। विपक्ष की मांगों और लगातार हो रहे हंगामों के बाद अब सूत्रों के हवाले से यह खबर आ रही है कि 28 जुलाई को लोकसभा और 29 जुलाई को राज्यसभा में इस ऑपरेशन पर 16 घंटे लंबी चर्चा करवाई जाएगी।
खास बात यह है कि इस बहस के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद संसद में मौजूद रहेंगे, वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सदन में सरकार का पक्ष रखेंगे और जवाब देंगे।
विदेश यात्रा से लौटेंगे पीएम, फिर लेंगे चर्चा में हिस्सा
प्रधानमंत्री इस समय ब्रिटेन और मालदीव की आधिकारिक यात्रा पर हैं। सूत्रों की मानें तो लंदन से लौटते ही पीएम मोदी इस बहुप्रतीक्षित चर्चा में शामिल होंगे। सरकार ने साफ कर दिया है कि वह इस मुद्दे पर चर्चा से पीछे नहीं हटेगी और सभी सवालों का जवाब दिया जाएगा।
राहुल गांधी बोले – "मोदी ट्रंप के दावों पर क्यों चुप?"
इस बीच विपक्ष भी लगातार हमलावर बना हुआ है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर सीधा निशाना साधते हुए कहा, “पूरी दुनिया जानती है कि डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान के बीच युद्धविराम कराया। प्रधानमंत्री अब तक चुप क्यों हैं? क्या वो कहेंगे कि ट्रंप ने युद्ध रोकवाया?”
राहुल ने आगे कहा कि सिर्फ युद्धविराम नहीं, ऑपरेशन सिंदूर, रक्षा सौदे और रक्षा निर्माण जैसे गंभीर विषयों पर भी चर्चा जरूरी है। “स्थिति सामान्य नहीं है, पूरा देश जानता है। लेकिन प्रधानमंत्री की चुप्पी और भी बड़ा सवाल खड़ा करती है।”
विपक्ष की मांग पर सरकार की सहमति
जानकारी के मुताबिक, राज्यसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) की बैठक में यह तय किया गया कि राज्यसभा में 29 जुलाई को चर्चा होगी। साथ ही विपक्ष की उस मांग को भी सरकार ने मान लिया, जिसमें सेवानिवृत्त होने वाले सात सांसदों को विदाई भाषण देने की अनुमति दी गई है। हालांकि, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को विदाई भाषण देने की विपक्ष की मांग को सरकार ने ठुकरा दिया।
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