
पटना। "अगर संसद में बैठने वाले 200 हिंदू सांसद कलंक हैं उन्हें कश्मीर घाटी सौंप दो!"—ये तीखा बयान आया है कथा मंच से, वो भी उस वक्त जब पूरा देश कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले से आहत है। सनातन परंपरा और राष्ट्र रक्षा की बात करने वाले कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने इस बार अपने प्रवचन में भावनाओं का ज्वालामुखी खोल दिया। मधेपुरा (बिहार) में आयोजित कथा के दौरान उन्होंने न सिर्फ राजनीतिक नेतृत्व पर सवाल उठाए, बल्कि हिंदू समाज से आत्मरक्षा के लिए 'शस्त्रधारण' की खुली अपील भी कर डाली।
"पंडित प्रदीप मिश्रा का फूटा गुस्सा"
कश्मीर में हुई आतंकी घटना को लेकर पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि यह पूरी मानवता पर हमला है। उन्होंने दावा किया कि आतंकियों द्वारा पीड़ितों से धर्म पूछा गया और जब उत्तर ‘हिंदू’ मिला, तो उन्हें गोली मार दी गई। मिश्रा ने तीखे लहजे में कहा—“अगर संसद में बैठे 200 विपक्षी हिंदू सांसद वक्फ बोर्ड के बिल पर रातभर बहस कर रहें हैं, ये हिंदू के नाम पर कलंक हैं, इन्हे घाटी में भेज दो, शायद वहां की सच्चाई समझ आए।”
"हिंदू घरों में अब शास्त्र के साथ शस्त्र भी ज़रूरी"
प्रदीप मिश्रा ने धर्म की रक्षा को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा—"अब हर हिंदू के घर में शास्त्र हो न हो लेकिन शस्त्र जरूर होना चाहिए। जिस प्रकार हमारे देवताओं के हाथों में अस्त्र-शस्त्र रहे हैं, उसी प्रकार हमारे घरों में भी शस्त्र होने चाहिए।" उन्होंने आगे कहा—" बेटे-बेटियों को सिर्फ संस्कार नहीं, अब शस्त्र चलाना भी सिखाओ।"
सोशल मीडिया में वायरल हो रहा बयान
प्रदीप मिश्रा का यह बयान सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। समर्थक इसे ‘हिंदू जागरण’ की आवाज़ बता रहे हैं, तो कुछ लोग इसे ‘राजनीतिक बयानबाज़ी’ करार दे रहे हैं।
"देशभर में पहलगाम हमले को लेकर गुस्सा"
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम की बैसारन घाटी में हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान गई, जिनमें महिलाएं, बच्चे और विदेशी पर्यटक भी शामिल थे। हमले की नृशंसता और धार्मिक पहचान पूछकर की गई हत्या ने पूरे देश को झकझोर दिया है। कई जगहों पर प्रदर्शन और श्रद्धांजलि सभाएं हो रही हैं।
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