
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सुबह जॉर्डन के लिए रवाना हो गए हैं। वे 15 से 18 दिसंबर तक जॉर्डन, इथियोपिया और ओमान की त्रिपक्षीय विदेश यात्रा पर रहेंगे। यह दौरा भारत की पश्चिम एशिया और अफ्रीका नीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
जॉर्डन किंग के निमंत्रण पर जा रहे हैं पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला द्वितीय इन्न अल हुसैन के निमंत्रण पर जॉर्डन जा रहे हैं। वे 15 और 16 दिसंबर को जॉर्डन में रहेंगे। इस दौरान भारत-जॉर्डन द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर दोनों नेताओं के बीच बातचीत होगी।
75 साल पुराने राजनयिक रिश्तों का जश्न
भारत और जॉर्डन ने वर्ष 1950 में राजनयिक संबंध स्थापित किए थे। वर्ष 2025 में इन रिश्तों के 75 साल पूरे हो रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा इसी ऐतिहासिक अवसर पर हो रहा है, जिससे दोनों देशों के संबंधों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
भारत-जॉर्डन व्यापारिक रिश्ते कितने मजबूत
भारत, जॉर्डन का चौथा सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर है। वर्ष 2023-24 में दोनों देशों के बीच 26,033 करोड़ रुपए का व्यापार हुआ। इसमें भारत का निर्यात लगभग 13,266 करोड़ रुपए रहा। दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार को 5 अरब डॉलर (करीब 45,275 करोड़ रुपए) तक बढ़ाने का लक्ष्य तय किया है।
फॉस्फेट और फर्टिलाइजर में जॉर्डन की बड़ी भूमिका
भारत जॉर्डन से बड़ी मात्रा में रॉक फॉस्फेट और फर्टिलाइजर का कच्चा माल आयात करता है। भारत के कुल रॉक फॉस्फेट आयात में जॉर्डन की हिस्सेदारी करीब 40% है। वहीं जॉर्डन भारत से मशीनरी, पेट्रोलियम उत्पाद, अनाज, रसायन, मीट, ऑटो पार्ट्स और औद्योगिक सामान आयात करता है। भारतीय कंपनियों ने जॉर्डन के फॉस्फेट और टेक्सटाइल सेक्टर में 1.5 अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया है।
IMEC कॉरिडोर पर हो सकती है अहम चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी के जॉर्डन दौरे में इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (IMEC) पर चर्चा होने की पूरी संभावना है। इस कॉरिडोर का ऐलान 2023 में भारत में आयोजित G20 समिट के दौरान किया गया था।
IMEC को चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) के विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। यह कॉरिडोर भारत, मिडिल ईस्ट और यूरोप को समुद्री और रेल मार्ग से जोड़ने का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है।
गाजा युद्ध के बाद फिर चर्चा में IMEC
IMEC के ऐलान के एक महीने बाद 7 अक्टूबर को हमास द्वारा इजराइल पर हमले के बाद गाजा युद्ध शुरू हो गया था, जिससे इस प्रोजेक्ट के भविष्य पर सवाल खड़े हो गए थे। अब गाजा युद्ध रुकने के बाद IMEC कॉरिडोर एक बार फिर चर्चा में आ गया है। जॉर्डन और इजराइल के बीच रेल नेटवर्क का काम अभी बाकी है, जिसे गति देने के लिए मोदी का दौरा अहम माना जा रहा है।
यूरोप तक भारत का सामान पहुंचेगा तेजी से
IMEC कॉरिडोर के पूरा होने के बाद भारत से यूरोप तक कार्गो पहुंचने में करीब 40% समय की बचत होगी और लागत में लगभग 30% तक की कमी आएगी।
इस कॉरिडोर के तहत भारत से माल समुद्री मार्ग से UAE या सऊदी अरब पहुंचेगा, फिर रेल के जरिए जॉर्डन और इजराइल होते हुए सीधे यूरोप भेजा जाएगा।
2018 की यादें: जब मोदी ने तोड़ा था प्रोटोकॉल
10 फरवरी 2018 को प्रधानमंत्री मोदी फिलिस्तीन की ऐतिहासिक यात्रा पर जाते समय जॉर्डन की राजधानी अम्मान में ट्रांजिट के लिए रुके थे। यह केवल दो घंटे की यात्रा थी, लेकिन इसके बावजूद जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला उनसे मिलने एयरपोर्ट पहुंचे थे। करीब 15 दिन बाद जब किंग अब्दुल्ला भारत आए, तो प्रधानमंत्री मोदी ने प्रोटोकॉल तोड़ते हुए एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया था। अब 7 साल बाद मोदी एक बार फिर जॉर्डन दौरे पर हैं।
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