
नई दिल्ली। बुधवार को अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल 2024 पेश किया। इस बिल का पूरा नाम है 'यूनीफाइड वक्फ मैनेजमेंट इम्पावरमेंट, इफिशिएंसी एंड डेवलपमेंट' है। केंद्र सरकार में शामिल TDP, JDU और LJP ने इस बिल का समर्थन किया है, जिससे इसे राष्ट्रीय राजनीति में अहम स्थान मिला है।
शिवसेना UBT सांसद अरविंद ने अपने भाषण में यह स्पष्ट नहीं किया कि उनका रुख बिल के पक्ष में है या विरोध में। इस अस्पष्ट बयान से कई वर्गों में सवाल उठ रहे हैं कि उनके वास्तविक विचार क्या हैं, जबकि बिल को लेकर विभिन्न दलों के बीच स्पष्ट विभाजन नजर आ रहा है।
लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने वक्फ संशोधन बिल पर जारी बहस के बीच स्पष्ट किया कि वक्फ में गैर-इस्लामिक तत्वों के प्रवेश का कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों को वोट बैंक की राजनीति के लिए डराया जा रहा है।
वक्फ का मतलब अल्लाह के नाम पर दान : अमित शाह
शाह ने बताया कि वक्फ एक अरबी शब्द है, जिसका अर्थ है धार्मिक उद्देश्यों के लिए संपत्ति का दान। उन्होंने कहा, "दान उसी चीज़ का किया जाता है, जिस पर हमारा अधिकार होता है। भारत में इस पर विवाद 1995 से चल रहा है, जिसमें वक्फ में बाहरी हस्तक्षेप का मुद्दा बार-बार उठता रहा है।"
वक्फ बोर्ड को घोटाले रोकने के लिए सशक्त बनाया जा रहा : अमित शाह
गृह मंत्री ने कहा कि वक्फ बोर्ड का असली उद्देश्य अवैध रूप से औने-पौने दामों पर संपत्ति सौंपने वालों को रोकना है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग अपने राजनीतिक हितों के लिए मिलीभगत जारी रखना चाहते हैं, लेकिन यह अब संभव नहीं होगा।
2013 में तुष्टीकरण के लिए बदले गए कानून : अमित शाह
अमित शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि 2013 में वक्फ कानूनों में बदलाव सिर्फ तुष्टीकरण की राजनीति के तहत किए गए थे। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार ने दिल्ली की 123 वीवीआईपी संपत्तियों को वक्फ को सौंप दिया था।
तमिलनाडु से कर्नाटक तक वक्फ संपत्तियों पर विवाद : अमित शाह
गृह मंत्री ने बताया कि तमिलनाडु में 250 हेक्टेयर वाले 12 गांवों को वक्फ संपत्ति घोषित कर दिया गया। कर्नाटक में 29 हजार एकड़ वक्फ भूमि को किराए पर दे दिया गया, जबकि 2001 से 2012 के बीच 2 लाख करोड़ की वक्फ संपत्ति निजी संस्थानों को 100 साल की लीज पर दी गई।
गरीबों का पैसा लूटने नहीं देंगे : अमित शाह
अमित शाह ने साफ किया कि सरकार वक्फ संपत्तियों की पारदर्शिता सुनिश्चित करना चाहती है। उन्होंने कहा, "यह पैसा गरीबों का है, इसे लूटने के लिए नहीं छोड़ा जाएगा।" उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चर्चों की संपत्तियों पर भी वक्फ ने कब्जा किया है, लेकिन अब इस पर अंकुश लगाया जाएगा।
मुस्लिम समाज अब सच समझ चुका है : अमित शाह
अखिलेश यादव पर हमला बोलते हुए शाह ने कहा कि वे मुस्लिमों की सहानुभूति लेने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अब मुस्लिम समाज भी सच्चाई समझ चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार का मकसद केवल न्याय और पारदर्शिता लाना है, न कि किसी धर्म विशेष के खिलाफ जाना।
वक्फ की संपत्ति का सही उपयोग जरूरी : अमित शाह
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि वक्फ पूरी तरह से मुस्लिम समाज द्वारा दी गई दान संपत्ति से संचालित होता है। उन्होंने स्पष्ट किया, "मुतवल्ली भी आपका होगा, वाकिफ भी आपका होगा और वक्फ भी आपका होगा, लेकिन अब यह देखना जरूरी है कि इन संपत्तियों का रखरखाव सही तरीके से हो रहा है या नहीं।" शाह ने चेतावनी दी कि "सैकड़ों साल पहले किसी शासक द्वारा दान दी गई संपत्ति को 12 हजार रुपये महीने में किराए पर देना अब नहीं चलेगा।" उन्होंने अपील की कि वक्फ संपत्तियों का उपयोग विधवाओं, पिछड़े मुस्लिमों और युवाओं के कल्याण के लिए किया जाना चाहिए।
लालू यादव भी वक्फ में हो रहे घोटालों के खिलाफ थे : अमित शाह
शाह ने 2013 की घटनाओं को याद दिलाते हुए कहा कि लालू प्रसाद यादव ने भी उस समय वक्फ में हो रही धांधलियों पर सवाल उठाए थे। शाह ने कहा, "लालूजी ने खुद कहा था कि वक्फ संपत्तियां हड़प ली गई हैं, प्राइम लोकेशन की जमीनें बेची जा रही हैं। पटना में डाक बंगला तक हड़प लिया गया। उन्होंने मांग की थी कि सरकार कड़ा कानून लाए और दोषियों को जेल भेजे।" गृह मंत्री ने तंज कसते हुए कहा, "लालूजी की इच्छा कांग्रेस सरकार ने तो पूरी नहीं की, लेकिन मोदी सरकार ने कर दी।"
पारदर्शिता के लिए सख्त कानून की जरूरत : अमित शाह
अमित शाह ने साफ किया कि यह कानून किसी धर्म के खिलाफ नहीं, बल्कि पारदर्शिता और ईमानदारी सुनिश्चित करने के लिए लाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब वक्फ संपत्तियों की निगरानी होगी, ताकि कोई भी इसे निजी लाभ के लिए इस्तेमाल न कर सके।
अब वक्फ की बैलेंसशीट देखी जाएगी, पारदर्शी ऑडिट होगा : अमित शाह
गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान कहा कि इस कानून के लागू होने के बाद वक्फ संपत्तियों की बैलेंसशीट और ऑडिट को पारदर्शी बनाया जाएगा। उन्होंने कहा, "अगर मंदिर की जमीन का मालिक कलेक्टर तय करता है, तो वक्फ की जमीन पर जांच से आपत्ति क्यों?" शाह ने स्पष्ट किया कि इस कानून के अमल में आने के बाद कोई भी अदालत में वक्फ आदेश को चुनौती दे सकेगा। "आपने ऐसा कानून बनाया था कि वक्फ आदेश को चुनौती नहीं दी जा सकती, लेकिन हमने इसे बदलकर हर नागरिक को न्याय दिलाने का मौका दिया है," उन्होंने कहा।
सरकार वोट बैंक नहीं, न्याय के लिए कानून ला रही है : अमित शाह
शाह ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा सरकार कानून केवल वोट बैंक की राजनीति के लिए नहीं, बल्कि न्याय की स्थापना के लिए ला रही है। उन्होंने कहा, "हमने महिलाओं को 33% आरक्षण दिया, गरीबों को गैस, शौचालय, पानी, बिजली और घर मुहैया कराए।"
इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि "सबसे पहला कन्वर्जन कानून मध्य प्रदेश और ओडिशा में कांग्रेस ने महात्मा गांधी के आदर्शों पर चलते हुए लाया था, लेकिन आज वही कांग्रेस अपनी नीतियों से भटक चुकी है।"
यह संसद का कानून है, इसे स्वीकार करना ही होगा : अमित शाह
शाह ने विपक्ष की आपत्तियों पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, "एक सदस्य ने कहा कि यह कानून माइनॉरिटीज स्वीकार नहीं करेंगी। क्या धमकी दे रहे हो भाई? यह भारत सरकार का कानून है और इसे सभी को मानना पड़ेगा।"
उन्होंने दोहराया कि कोई भी फैसला देश की अदालत की पहुंच से बाहर नहीं रखा जा सकता। "जिसकी जमीन हड़प ली गई, वो इंसाफ के लिए कहां जाएगा? आपने अपने फायदे के लिए कानून बनाए थे, लेकिन अब इस अन्याय को खत्म किया जाएगा," शाह ने कहा।
वक्फ संशोधन बिल पर सरकार का यह रुख साफ कर रहा है कि पारदर्शिता और जवाबदेही अब प्राथमिकता में है। इस बिल पर आगे की चर्चा और विपक्ष की प्रतिक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हैं।
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