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अश्विनी वैष्णव ने की रेलवे सेफ्टी की समीक्षा, सभी लेवल क्रॉसिंग गेट पर लगेंगे सीसीटीवी कैमरे और वॉइस रिकॉर्डर
09 जुल, 2025 0 व्यूज 4 मिनट पढ़ाई
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डेस्क रिपोर्टर

नई दिल्लीः अपने पिता के निधन के एक दिन बाद अंतिम संस्कार की व्यस्तताओं के बीच रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने 09 जुलाई, 2025 को  रेलवे की महत्वपूर्ण सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने रेलवे अधिकारियों को सख्त निर्देश भी दिए। रेलमंत्री ने रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं अन्य आला अधिकारियों के साथ समीक्षा में ‘लेवल क्रॉसिंग गेट सुरक्षा’ विषय पर गहन विचार-विमर्श किया और इस संबंध में 11 महत्वपूर्ण निर्णय लिए।

क्रॉसिंग गेट पर लगेंगे सीसीटीवी कैमरे

  अश्विनी वैष्णव ने सभी लेवल क्रॉसिंग गेट (LC) गेटों पर सीसीटीवी कैमरे तथा रिकॉर्डिंग सिस्टम लगाने का निर्देश दिया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि बिजली आपूर्ति की व्यवस्था सौर पैनल, बैटरी बैकअप, यूपीएस आदि के माध्यम से सुनिश्चित की जाए और यह कार्य मिशन मोड में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि "सड़क यातायात के लिए बंद" (Close to Road Traffic) गेटों को "सड़क यातायात के लिए खुले" (Open to Road Traffic) गेटों में बदलने के लिए नीति की समीक्षा की जाएगी। लेवल क्रॉसिंग गेटों के इंटरलॉकिंग कार्यों को मिशन मोड में त्वरित गति से पूरा किया जाएगा। इसके लिए रेलवे पीएसयू को इंटरलॉकिंग कार्यों और निर्माण कार्यों में शामिल किया जाएगा।

रेल मंत्री ने बताया कि टीवीयू (TVU) की सीमा घटाई गई है। अब 10,000 TVU पर ही इंटरलॉकिंग प्रारंभ की जाएगी। पहले यह सीमा 20,000 थी। 10,000 TVU से अधिक वाले सभी गेटों पर रोड ओवरब्रिज, ओर अंडरब्रिज और सीमित ऊंचाई वाला सबवे योजनाओं से भिन्न होकर भी इंटरलॉकिंग अनिवार्य होगी। इसके अलावा, गैर-इंटरलॉक गेटों पर प्रतिदिन दो यादृच्छिक आवाज रिकॉर्डिंग जांच प्रति डिवीजन की जाएगी।

रेल मंत्री ने कहा कि गैर-इंटरलॉक गेटों पर वॉयस लॉगर सिस्टम की कार्यशीलता की पुष्टि सभी डीआरएम द्वारा की जाएगी। साथ ही सभी लेवल क्रॉसिंग गेटों पर स्पीड ब्रेकर, चेतावनी बोर्ड आदि को मानकीकृत किया जाएगा और आवश्यक सुधार किए जाएंगे। लेवल क्रॉसिंग गेटों को समाप्त करने हेतु रोड ओवरब्रिज, ओर अंडरब्रिज और सीमित ऊंचाई वाला सबवे निर्माण कार्यों को तेज किया जाएगा। वैष्णव ने उन गेटों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए जहां विवाद या जनता द्वारा दबाव/मारपीट की घटनाएं होती हैं। अब वहां आरपीएफ/होमगार्ड की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही ब्लॉक सेक्शनों में लेवल क्रॉसिंग गेटों पर 15-दिवसीय सुरक्षा निरीक्षण अभियान शुरू कर दिया गया है।

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