
कोलकाता। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शुक्रवार को पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता पहुंचे और आते ही सियासी पारा चढ़ा दिया। प्रेसवार्ता में उन्होंने ममता बनर्जी की सरकार पर जमकर हमला बोला और कहा कि टीएमसी के पिछले 15 वर्षों के शासन में बंगाल भय, भ्रष्टाचार, कुशासन और घुसपैठ का गढ़ बन गया है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और इसकी बड़ी वजह बांग्लादेश सीमा से हो रही अवैध घुसपैठ है। अमित शाह ने कहा कि उन्होंने भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सात बार पत्र लिखे हैं, लेकिन इसके बावजूद जमीन आवंटन का काम आज तक पूरा नहीं किया गया।
“सीमा पर बाड़ के लिए जमीन देने में बंगाल सरकार को क्या डर?”
गृह मंत्री ने तीखे अंदाज में सवाल उठाते हुए कहा, “मैं पूछना चाहता हूं कि बंगाल सरकार को सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जमीन देने में क्या डर है? क्या उनकी कोई जिम्मेदारी नहीं है या वे घुसपैठ को जारी रखना चाहती हैं?”
उन्होंने बताया कि पिछले छह वर्षों में केंद्रीय गृह सचिव तीन बार पश्चिम बंगाल का दौरा कर चुके हैं और राज्य के मुख्य सचिव से भी मुलाकात कर चुके हैं, लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं। शाह का आरोप है कि बंगाल सरकार घुसपैठियों के लिए दस्तावेज बना रही है और इसी वजह से राज्य की जनसंख्या संरचना खतरनाक तरीके से बदल रही है।
घुसपैठ को बताया राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा
अमित शाह ने साफ शब्दों में कहा कि बंगाल सीमा से हो रही घुसपैठ अब सिर्फ राज्य का नहीं, बल्कि पूरे देश की राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा बन चुकी है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि त्रिपुरा, असम, राजस्थान, पंजाब, कश्मीर और गुजरात की सीमाओं पर घुसपैठ लगभग रुक चुकी है, क्योंकि वहां की सरकारें सीमा पर बाड़ लगाने और सख्त निगरानी में सहयोग कर रही हैं। शाह ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में जानबूझकर जनसांख्यिकीय बदलाव किया जा रहा है ताकि एक खास वोट बैंक को मजबूत किया जा सके। उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाला चुनाव घुसपैठ रोकने और अवैध प्रवासियों को हटाने के मुद्दे पर लड़ा जाएगा।
“अप्रैल तक का समय बेहद अहम, चुनाव में बदलेगा बंगाल”
गृह मंत्री ने कहा कि आज से अप्रैल तक का समय बंगाल के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी दौरान राज्य में चुनाव होने हैं। उन्होंने दावा किया कि पिछले 15 सालों में टीएमसी सरकार के शासन ने बंगाल को भय, भ्रष्टाचार और कुशासन की ओर धकेला है। अमित शाह ने कहा कि भाजपा पश्चिम बंगाल के नागरिकों को भरोसा दिलाना चाहती है कि राज्य में भाजपा की सरकार बनते ही बंगाल की विरासत को पुनर्जीवित किया जाएगा और विकास की धारा फिर से बहेगी। उन्होंने वादा किया कि गरीबों के कल्याण को प्राथमिकता दी जाएगी और घुसपैठ रोकने के लिए एक राष्ट्रीय ग्रिड तैयार किया जाएगा।
पाठकों की राय (0)
इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

