
बेंगलुरु की नेबिलो टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के सर्वर को हैक कर लगभग 378 करोड़ रुपये की क्रिप्टोकरेंसी चोरी कर ली गई। इसमें पार्ट टाइम कर्मचारी राहुल अग्रवाल की संदिग्ध भूमिका सामने आई है।
कैसे हुई ये हैकिंग?
19 जुलाई को सुबह 2:37 बजे, हैकर ने कंपनी के वॉलेट से 1 USDT ट्रांसफर कर टेस्ट किया। इसके बाद सुबह 9:40 बजे, 40 मिलियन डॉलर (378.95 करोड़ रु.) अलग-अलग 6 खातों में ट्रांसफर कर दिए गए। जांच में पता चला कि कंपनी का लैपटॉप हैकिंग में इस्तेमाल हुआ, जो राहुल अग्रवाल के पास था।
कर्मचारी पर क्यों है शक?
आरोपी राहुल अग्रवाल एक साल से पार्ट टाइम काम कर रहा था। कंपनी की शिकायत में कहा गया कि उसने कंपनी के लैपटॉप का दुरुपयोग किया और संभवत: गिरोह के साथ मिलकर डेटा चुराया। लैपटॉप को कंपनी के नियमों के खिलाफ निजी कार्यों में भी इस्तेमाल किया गया।
FIR में लगे कानून
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईटी एक्ट की धारा 66, 43, 66(C), 66(D) और BNS की धारा 303, 316(4), 318(4), 319(2) के तहत मामला दर्ज किया है। राहुल अग्रवाल हिरासत में है, उससे गहन पूछताछ जारी है। सीईएन पुलिस स्टेशन मामले की गंभीरता से जांच कर रहा है।
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