
भोपाल। राजधानी में भारत महा ईवी रैली ने दस्तक दी। शिक्षण संस्थानों में पहुंचकर इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति जागरूकता फैलाई। ईवी के क्षेत्र में भविष्य निर्माण के संभावनाओं की भी जानकारी साझा की। दिल्ली से शुरू यह है यात्रा 100 दिनों में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पहुंचेगी और कल 21000 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करेगी। अपनी यात्रा के 14वें दिन वह भोपाल पहुंची।
रैली सबसे पहले राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) पहुंची। टीम ने अपने अभियान के संबंध में जानकारी दी। विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. राजीव त्रिपाठी ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए आई-एफईवीए के प्रयासों की सराहना की और शैक्षणिक संस्थानों में ईवी विकास के लिए व्यावहारिक दृष्टिकोण पर चर्चा की। इसके बाद यात्रा माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय पहुंची। यहां कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी ने आई-एफईवीए के ईवी लोकप्रियकरण प्रयासों की प्रशंसा की और अपने व्यापक अनुभव का लाभ उठाते हुए मीडिया समर्थन का आश्वासन दिया।
यूको बैंक के सहायक प्रबंधक से की मुलाकात
टीम ने यूको बैंक के सहायक महाप्रबंधक राजीव गंगवार से मुलाकात की। उनके साथ चार्जिंग चुनौतियों पर चर्चा की और बैंक की हरित पहलों के लिए प्रोत्साहन पर प्रकाश डाला। बताया कि ईवी खरीद पर ब्याज पर 0.1% की छूट है। ईवी खरीदारों के लिए निश्चित जमा में 0.2% की वृद्धि की व्यवस्था है।
आई-एफईवीए और एमएएनआईटी के बीच समझौता ज्ञापन का प्रस्ताव दिया
मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएएनआईटी) में टीम ने विद्युत और इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के प्रमुख डॉ. शैलेंद्र कुमार जैन के साथ बातचीत की। एमएएनआईटी के ऊर्जा खंड कार्य पर अंतर्दृष्टि, ईवी इंजीनियरिंग में नया 4-वर्षीय यूजी कार्यक्रम, एमएएनआईटी का इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बढ़ना, जिसमें चार इलेक्ट्रिक बसें पहले से ही संचालन में हैं, जैसे विषयों पर चर्चा हुई। वैश्विक उपाध्यक्ष श्रीनिवास कुमार येरापोथु ने एक ईवी इकोसिस्टम बनाने और वैकल्पिक ऊर्जा समाधानों को बढ़ावा देने के लिए आई-एफईवीए और एमएएनआईटी के बीच समझौते का प्रस्ताव दिया। अध्यक्ष डॉ. राजीव मिश्रा ने रैली के उद्देश्य के बारे में जानकारी दी। जिसमें 100 से अधिक एनजीओ के साथ एक करोड़ पौधे लगाने की प्रतिबद्धता पर जोर दिया गया। अध्यक्ष डॉ. शैलेन्द्र सरोज ने बढ़ती चार्जिंग बुनियादी ढांचे के साथ लंबी दूरी की ईवी यात्रा की बढ़ती व्यवहार्यता पर प्रकाश डाला।
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