
बिहार में आज लोकतंत्र का महापर्व अपने अंतिम पड़ाव पर है। मंगलवार को विधानसभा चुनाव 2025 के अंतिम चरण की वोटिंग हो रही है, जहां 3.70 करोड़ से ज्यादा मतदाता 1302 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे। सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और राजधानी पटना से लेकर नेपाल बॉर्डर तक प्रशासन अलर्ट मोड पर है।
4 लाख सुरक्षाकर्मी तैनात, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
दिल्ली में सोमवार (10 नवंबर) को हुए धमाके के बाद बिहार पुलिस पूरी तरह सतर्क है। राज्यभर में चार लाख से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं ताकि मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके। ईवीएम मशीनें सभी मतदान केंद्रों तक पहुंचा दी गई हैं। संवेदनशील इलाकों में सीआरपीएफ और बीएसएफ के जवानों को विशेष रूप से लगाया गया है। ड्रोन से भी निगरानी रखी जा रही है।
122 सीटों पर मतदान, 6 मंत्रियों की साख दांव पर
इस चरण में 122 विधानसभा सीटों पर वोट डाले जा रहे हैं। इन सीटों पर नीतीश कुमार कैबिनेट के आधा दर्जन मंत्रियों की किस्मत दांव पर है।
वोटिंग वाले प्रमुख जिले हैं—
पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज। ये सभी जिले नेपाल सीमा से सटे हुए हैं। यहां महागठबंधन अल्पसंख्यक समुदाय के समर्थन पर भरोसा कर रहा है, वहीं एनडीए विपक्ष पर "घुसपैठियों की रक्षा" करने का आरोप लगा रहा है।
7.69 लाख युवा मतदाता बनेंगे गेम चेंजर
इस चरण के 3.70 करोड़ मतदाताओं में 1.75 करोड़ महिलाएं शामिल हैं, जबकि 2.28 करोड़ वोटर्स 30 से 60 वर्ष की उम्र के बीच हैं। दिलचस्प बात यह है कि 7.69 लाख युवा वोटर्स (18-19 वर्ष) इस बार पहली बार वोट डालेंगे और परिणाम तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
ग्रामीण इलाकों में 90% मतदान केंद्र
राज्य भर में 45,399 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें से 40,073 ग्रामीण क्षेत्रों में हैं। मतदान सुबह 7 बजे शुरू हुआ और शाम 6 बजे तक चलेगा। सभी जिलों में विशेष पुलिस टीमें और क्विक रिस्पॉन्स यूनिट्स तैनात हैं।
14 नवंबर को आएंगे नतीजे
बिहार चुनाव 2025 के दूसरे और अंतिम चरण के मतदान के नतीजे 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। चुनाव आयोग ने साफ कहा है कि मतगणना के दिन हर केंद्र पर CCTV और वेबकास्टिंग की सुविधा रहेगी।
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