
पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दोनों चरणों का मतदान पूरा हो चुका है। अब पूरे देश की निगाहें 14 नवंबर पर टिकी हैं, जब यह तय होगा कि बिहार में किसकी सरकार बनेगी — नीतीश की या बदलाव की? लेकिन उससे पहले आए एग्जिट पोल ने तस्वीर लगभग साफ कर दी है। चार प्रमुख चैनलों और सर्वे एजेंसियों के एग्जिट पोल में एनडीए को स्पष्ट बहुमत मिलता दिख रहा है, जबकि प्रशांत किशोर (PK) की पार्टी अपेक्षा से बहुत पीछे रह गई है।

एग्जिट पोल में NDA का पलड़ा भारी
अब तक सामने आए चार एग्जिट पोल के मुताबिक — नीतीश कुमार के नेतृत्व वाला एनडीए गठबंधन 140 से 160 सीटों तक जीत सकता है, जबकि महागठबंधन (RJD-कांग्रेस) 70 से 90 सीटों तक सीमित रह सकता है। वहीं प्रशांत किशोर की पार्टी 'जनसंकल्प' को 10 सीटों तक भी मिलना मुश्किल बताया जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि “चुनाव के आखिरी दिनों में मोदी-नीतीश की जोड़ी ने गांव-गांव में अपना प्रभाव दिखाया।”
दो चरणों में हुआ रिकॉर्ड मतदान
पहले चरण में 6 नवंबर को 121 सीटों पर
लगभग 65% मतदान हुआ — जो 1951 के बाद का सबसे ज्यादा है। वहीं दूसरे चरण में 11 नवंबर को 122 सीटों पर 67.14% वोटिंग दर्ज की गई। सबसे ज़्यादा मतदान किशनगंज (76.26%), कटिहार (75.23%), पूर्णिया (73.79%) और सुपौल (70.69%) में हुआ।
चुनाव आयोग के मुताबिक, “ग्रामीण इलाकों में महिलाओं की भागीदारी इस बार ऐतिहासिक रही है।”
कब आएंगे नतीजे?
बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे 14 नवंबर (गुरुवार) को घोषित किए जाएंगे। सभी जिलों में मतगणना की तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। चुनाव आयोग ने कहा है कि “इस बार रिजल्ट ट्रेंड दोपहर तक साफ हो जाएंगे।”
PK का ‘मिशन बिहार’ फीका क्यों पड़ा?
प्रशांत किशोर की पार्टी को पहली बार इस चुनाव में बड़ा मौका मिला था, लेकिन एग्जिट पोल में उनका प्रदर्शन निराशाजनक रहा। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि “PK की टीम को जमीनी संगठन की कमी और गठबंधन न होने का नुकसान उठाना पड़ा।”


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